तारक मेहता का उल्टा चश्मा: नए साल पर धर्मेंद्र को समर्पित विशेष एपिसोड
धर्मेंद्र को समर्पित न्यू ईयर एपिसोड
मुंबई: प्रसिद्ध टीवी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' नए साल का स्वागत एक भावुक और यादगार अंदाज में करने जा रहा है। 31 दिसंबर को प्रसारित होने वाले विशेष एपिसोड को दिवंगत महान अभिनेता धर्मेंद्र जी के नाम समर्पित किया जाएगा। गोकुलधाम सोसाइटी के सदस्य उनके सम्मान में धूमधाम से नए साल का जश्न मनाएंगे और उनकी फिल्मी यात्रा को श्रद्धांजलि देंगे। शो के निर्माता असित कुमार मोदी का यह विचार दर्शकों को भावुक कर देगा।
'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में न्यू ईयर सेलिब्रेशन
हाल के एक एपिसोड में, टप्पू सेना ने भिड़े और माधवी से नए साल की योजनाओं पर चर्चा की। टप्पू ने कहा, "इस बार 31 दिसंबर को हम सभी के प्रिय अभिनेता धर्मेंद्र जी को याद करते हुए सेलिब्रेट करेंगे।" गोगी ने कहा, "उनकी याद में हम एक शानदार कार्यक्रम आयोजित करेंगे और धूमधाम से नए साल का जश्न मनाएंगे।" भिड़े इस विचार से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत अनुमति दे दी, जिससे टप्पू सेना खुशी से झूम उठी।
धर्मेंद्र के किरदारों में सजेंगे गोकुलधाम के सदस्य
आने वाले एपिसोड में, गोकुलधाम के सभी सदस्य धर्मेंद्र जी के प्रसिद्ध किरदारों में सजेंगे। कोई 'शोले' के वीरू के रूप में नजर आएगा, तो कोई 'चुपके चुपके' या 'प्रतिग्या' के लुक में दिखेगा। सोसाइटी के सदस्य उनके एक्शन, रोमांस और कॉमेडी वाले रोल्स को फिर से जीवित करेंगे। यह एपिसोड न केवल हंसी-मजाक से भरा होगा, बल्कि नॉस्टैल्जिया और भावनाओं से भी भरपूर रहेगा। धर्मेंद्र जी की सादगी, मुस्कान और शानदार प्रदर्शन को याद करते हुए सोसाइटी विशेष प्रस्तुतियाँ देगी।
फैंस के लिए भावुक अनुभव
धर्मेंद्र जी का निधन नवंबर 2025 में हुआ था, जिससे फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसक गहरे सदमे में थे। 'ही-मैन' के नाम से मशहूर धर्मेंद्र ने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया। 'शोले', 'सीता और गीता', 'धरम-वीर', 'यमला पगला दीवाना' जैसी फिल्में आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। उनकी अंतिम फिल्म 'इक्कीस' 1 जनवरी 2026 को रिलीज हुई, जिसमें वे अगस्त्य नंदा के साथ नजर आए। असित मोदी ने इस ट्रिब्यूट के बारे में कहा कि धर्मेंद्र जी की फिल्में उनके बचपन की यादें हैं। उनकी कॉमेडी, एक्शन या रोमांस – हर भूमिका में वे अद्वितीय थे। यह एपिसोड उनके प्रशंसकों को भावुक करेगा और नई पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराएगा।