तिग्मांशु धूलिया ने अर्बन लव स्टोरी पर अपनी राय रखी
तिग्मांशु धूलिया का अनोखा दृष्टिकोण
फिल्म निर्देशक और अभिनेता तिग्मांशु धूलिया अपने कड़वे और यथार्थवादी दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्ध हैं। हाल ही में, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अर्बन लव स्टोरी बनाने के बारे में सोच भी नहीं सकते। घमसान के निर्देशक ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'बिल्कुल नहीं।'
तिग्मांशु धूलिया के विचारों की चर्चा
तिग्मांशु का मानना है कि प्रेम कहानियों के अलावा भी कई दिलचस्प विषय हैं। उन्होंने कहा, 'मैं प्रेम कहानियाँ देखता ही नहीं। दुनिया में इतनी समस्याएँ हैं। फिल्म को अखबार की तरह नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे मनोरंजक और दिलचस्प होना चाहिए। लेकिन किसी की प्रेम कहानी में मेरी रुचि क्यों हो?'
रोमांटिक फिल्मों के निर्माण पर विचार
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि साधारण प्रेम कहानियाँ केवल दो व्यक्तियों के बीच होती हैं, इसलिए वे फिल्म बनाने के योग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रेम कहानी तभी बनानी चाहिए जब उसमें मुगल-ए-आजम या एक दूजे के लिए जैसी गहराई हो। आजकल की प्रेम कहानियों पर वे टिप्पणी नहीं कर सकते क्योंकि वे उन्हें देखते ही नहीं।
फिल्मी सफर की विविधता
तिग्मांशु ने अपने फिल्मी करियर की विविधता पर भी चर्चा की। लोग उन्हें केवल डाकू और ग्रामीण कहानियों का निर्देशक समझते हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि वे हमेशा ऐसा नहीं करते। उनकी पहली फिल्म 'हासिल' सेमी-अर्बन थी और छात्र राजनीति पर आधारित थी। 'साहेब बीवी और गैंगस्टर' में उन्होंने समाज की गिरावट को दर्शाया। 'पान सिंह तोमर' और 'घमासान' उनकी दो डाकू फिल्में हैं, जबकि अन्य फिल्में विभिन्न विषयों पर आधारित हैं।
एक्टिंग के बारे में तिग्मांशु का दृष्टिकोण
एक्टिंग के बारे में तिग्मांशु ने कहा कि यह उनके लिए एक लक्जरी है। वे निर्देशक के रूप में अपने करियर की शुरुआत कर चुके हैं और यही उनका असली काम है। उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से एक्टिंग की ट्रेनिंग ली थी, लेकिन खुद को एक खराब अभिनेता मानते थे, इसलिए उन्होंने पेशेवर एक्टिंग नहीं की। फिर भी, एक्टिंग का अनुभव उन्हें निर्देशित करते समय अभिनेताओं को समझने में मदद करता है।