दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' पर विवाद: ZEE5 से हटाई गई
दिलजीत दोसांझ की नई फिल्म 'सतलुज' विवाद में
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' विवाद में: बॉलीवुड और पंजाबी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता दिलजीत दोसांझ की नई फिल्म 'सतलुज' को लेकर एक बड़ा विवाद उत्पन्न हो गया है। इस फिल्म को ZEE5 प्लेटफॉर्म से भारत में हटा दिया गया है। फिल्म की रिलीज के केवल दो दिन बाद, रविवार शाम को इसे प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्णय लिया गया। हालांकि, यह फिल्म अब भी विदेशों में ZEE5 Global पर उपलब्ध है।
इस फिल्म का मूल शीर्षक 'पंजाब '95' था और यह मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है। फिल्म के रिलीज होते ही दर्शकों ने इसे सराहा, लेकिन कुछ घंटों बाद ही इसे भारत में हटा लिया गया। इस निर्णय ने पंजाबी फिल्म उद्योग और दिलजीत के प्रशंसकों को चौंका दिया है।
दिलजीत का प्रतिक्रिया: '1995 से पंजाब की आवाज दबाने की कोशिश'
फिल्म को हटाए जाने के बाद, दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम लाइव पर अपनी बात साझा की। उन्होंने पंजाबी में कहा कि उन्हें इस निर्णय से कोई आश्चर्य नहीं हुआ। दिलजीत ने कहा, 'मुझे लगा था कि यह सोमवार को होगा, लेकिन यह रविवार को ही हो गया।'
दिलजीत ने आगे कहा कि 1995 से पंजाब की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और यह सिलसिला 2026 में भी जारी है। फिर भी, दिलजीत ने निराशा नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि फिल्म पहले ही दर्शकों तक पहुंच चुकी है और कई लोगों ने इसे डाउनलोड कर लिया है, इसलिए इसे पूरी तरह से चुप नहीं कराया जा सकता। दिलजीत ने फिल्म की शूटिंग के दौरान आई चुनौतियों का भी उल्लेख किया और कहा कि पूरी टीम ने हिम्मत नहीं हारी।
फिल्म का सकारात्मक प्रभाव
फिल्म का सकारात्मक असर: इस विवाद के बीच, दिलजीत ने उम्मीद जताई। उन्होंने बताया कि विदेश में एक छोटे लड़के को जसवंत सिंह खालरा के बारे में पढ़ते देखा। आज की युवा पीढ़ी खालरा जी की कहानी और उनके बलिदान पर चर्चा कर रही है। दिलजीत ने जोर देकर कहा, 'उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। आज हर घर में उनकी बात हो रही है।' फिल्म 'सतलुज' ने दर्शकों के दिलों को छू लिया है। यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि इतिहास की एक महत्वपूर्ण याद है।