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दीपिका पादुकोण के हाथ से निकलते बड़े प्रोजेक्ट्स: क्या है वजह?

दीपिका पादुकोण के करियर में हाल ही में कई बड़े प्रोजेक्ट्स हाथ से निकलने की घटनाएं सामने आई हैं। हॉलीवुड की मशहूर सीरीज 'द व्हाइट लोटस' में शामिल होने का मौका भी दीपिका ने खो दिया, क्योंकि उन्होंने ऑडिशन देने से मना कर दिया। इसके अलावा, अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स से भी उनका नाम हटाया गया है। क्या यह उनकी जिद है या एक नई सोच? जानें इस लेख में दीपिका की चुनौतियों और उनके करियर की दिशा के बारे में।
 

दीपिका पादुकोण के करियर में उठापटक


मुंबई: दीपिका पादुकोण के करियर में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स हाथ से निकलते जा रहे हैं, जिससे चर्चा का माहौल गर्म हो गया है। हालिया मामला हॉलीवुड की प्रसिद्ध एमी अवॉर्ड विजेता सीरीज 'द व्हाइट लोटस' के चौथे सीजन का है। सूत्रों के अनुसार, इस सीरीज के निर्माताओं ने दीपिका को इस प्रोजेक्ट के लिए संपर्क किया था, लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। इसका कारण यह है कि शो की सख्त नीति के अनुसार, हर अभिनेता को, चाहे वह कितना भी बड़ा नाम क्यों न हो, ऑडिशन देना अनिवार्य है। दीपिका ने ऑडिशन देने से मना कर दिया, जिसके कारण यह अवसर उनके हाथ से चला गया।


दीपिका के हाथ से निकलते प्रोजेक्ट्स

यह पहली बार नहीं है जब दीपिका किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय या हाई-प्रोफाइल प्रोजेक्ट से जुड़ने में असफल रही हैं। इससे पहले, वह संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म 'स्पिरिट' (प्रभास के साथ) से भी बाहर हो गई थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार क्रिएटिव मतभेद, फीस, काम के घंटों (जैसे 8-घंटे की शिफ्ट की मांग) और अन्य शर्तों पर असहमति हुई। इसके बाद तृप्ति डिमरी को उनकी जगह लिया गया।


इंटरनेशनल सीरीज से भी हाथ धोना

इसी तरह, 'कल्कि 2898 एडी' के सीक्वल (कल्कि 2) से भी दीपिका का नाम हटा दिया गया। प्रोड्यूसर्स ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि पार्टनरशिप नहीं बन पाई और फिल्म को पूरी प्रतिबद्धता की आवश्यकता थी। यहां भी 8-घंटे काम करने की शर्तें और अन्य मांगें सामने आई थीं। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि दीपिका अब प्रोजेक्ट्स का चयन करते समय अपनी शर्तों पर अधिक जोर दे रही हैं। खासकर मदरहुड के बाद, वे वर्क-लाइफ बैलेंस, उचित कार्य परिस्थितियों और क्रिएटिव नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।


शाहरुख खान के साथ आने वाली फिल्म

भारतीय फिल्म उद्योग में कई सुपरस्टार्स की मांगों को मान लिया जाता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियम भिन्न होते हैं। 'द व्हाइट लोटस' जैसे प्रोजेक्ट में बड़े-बड़े अभिनेता भी ऑडिशन देते हैं, क्योंकि कास्टिंग प्रक्रिया सख्त होती है। फिर भी, दीपिका का करियर मजबूत बना हुआ है। वे शाहरुख खान के साथ 'किंग' और अल्लू अर्जुन के साथ एटली की एक बड़ी फिल्म में नजर आएंगी।


ये प्रोजेक्ट्स उनके लिए महत्वपूर्ण अवसर हैं। लेकिन लगातार ऐसे बड़े मौके गंवाने से सवाल उठ रहे हैं कि क्या उनकी जिद या सख्त शर्तें उन्हें महंगी साबित हो रही हैं? या यह एक नई सोच है जहां एक्ट्रेस अपनी वैल्यू और कम्फर्ट को प्राथमिकता दे रही हैं? इंडस्ट्री में यह बहस जारी है कि बॉलीवुड स्टार्स को अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी लचीला होना चाहिए या अपनी शर्तों पर अडिग रहना चाहिए। दीपिका की पसंद सही है या नहीं, यह समय बताएगा, लेकिन फिलहाल उनके फैंस निराश हैं कि एक विश्व स्तरीय सीरीज में उन्हें देखने का सपना अधूरा रह गया।