×

धर्मेंद्र को BAFTA अवॉर्ड्स में भावुक श्रद्धांजलि

79वें BAFTA अवॉर्ड्स में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को भावुक श्रद्धांजलि दी गई। लंदन में आयोजित इस समारोह में उन्हें अन्य महान कलाकारों के साथ याद किया गया। ब्रिटिश गायक जेसी वेयर ने उनके सम्मान में एक गाना प्रस्तुत किया, जबकि धर्मेंद्र की याद में सोशल मीडिया पर फैंस ने भावुक संदेश साझा किए। उनके निधन के बाद, यह श्रद्धांजलि उनके परिवार और प्रशंसकों के लिए सांत्वना का काम कर रही है।
 

धर्मेंद्र को BAFTA अवॉर्ड्स में दी गई श्रद्धांजलि


मुंबई: 79वें BAFTA अवॉर्ड्स 2026 में बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेंद्र को एक भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह समारोह लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में रविवार रात आयोजित हुआ, जहां 'इन मेमोरियम' सेगमेंट में धर्मेंद्र का नाम अन्य महान कलाकारों के साथ लिया गया। यह क्षण भारतीय दर्शकों के लिए अत्यंत भावुक था, क्योंकि 'हीमैन' के नाम से मशहूर धर्मेंद्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर याद किया गया।


धर्मेंद्र की याद में संगीत और श्रद्धांजलि

इस समारोह में ब्रिटिश गायक जेसी वेयर ने बारबरा स्ट्राइसैंड के प्रसिद्ध गाने 'द वे वी वेयर' की भावुक प्रस्तुति दी। इस गाने के साथ एक वीडियो पैकेज भी दिखाया गया, जिसमें उन फिल्मी सितारों को याद किया गया, जिन्होंने पिछले साल दुनिया को अलविदा कहा। इसमें डायने कीटन, रॉबर्ट डुवॉल, जीन हैकमैन, वैल किल्मर, कैथरीन ओ'हारा, रोब रीनर, और ब्रिजिट बार्डोट जैसे नाम शामिल थे। धर्मेंद्र का नाम और उनकी तस्वीर ने दर्शकों पर गहरा प्रभाव डाला।




धर्मेंद्र का निधन और उनकी विरासत

धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 को मुंबई में उनके निवास पर हुआ था। उनकी उम्र 89 वर्ष थी। कुछ दिन पहले ही उन्हें ब्रिच कैंडी अस्पताल से छुट्टी मिली थी, जहां वे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण भर्ती थे। घर पर आराम कर रहे थे, लेकिन उम्र से जुड़ी बीमारियों के कारण उनका निधन हो गया। 25 नवंबर को उनका अंतिम संस्कार मुंबई में किया गया। धर्मेंद्र अपनी दो पत्नियों प्रकाश कौर और हेमा मालिनी के साथ-साथ छह बच्चों के पीछे छोड़ गए, जिनमें सनी देओल, बॉबी देओल और ईशा देओल जैसे अभिनेता शामिल हैं।




धर्मेंद्र का प्रभाव और फैंस की भावनाएं

धर्मेंद्र हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर के सबसे बड़े सितारों में से एक थे। उनके करियर की शुरुआत 1950 के दशक में हुई, जिसमें 'फूल और पत्थर', 'सीता और गीता', 'शोले', 'चरस', और 'जग्गा डाकू' जैसी कई सफल फिल्में शामिल हैं। उन्होंने एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और ड्रामा जैसे विभिन्न शैलियों में अद्भुत प्रदर्शन किया। उनकी मर्दानगी, मुस्कान और ऊर्जा ने उन्हें 'हीमैन' का खिताब दिलाया। वे कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहे।


BAFTA के इस ट्रिब्यूट से यह स्पष्ट होता है कि धर्मेंद्र का प्रभाव केवल भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि वैश्विक सिनेमा में भी उनकी पहचान थी। फैंस सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि 'धर्मेंद्र जी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना गर्व की बात है।' यह श्रद्धांजलि उनके परिवार, दोस्तों और लाखों प्रशंसकों के लिए सांत्वना का काम कर रही है। धर्मेंद्र की याद में BAFTA ने न केवल एक अभिनेता को याद किया, बल्कि भारतीय सिनेमा की विरासत को भी सम्मान दिया। उनकी फिल्में आज भी देखी जाती हैं और उनका जादू कायम है।