धर्मेंद्र को BAFTA में श्रद्धांजलि: हेमा मालिनी की भावनाएं
धर्मेंद्र को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान
मुंबई: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को इस वर्ष लंदन में आयोजित BAFTA अवॉर्ड्स के इन मेमोरियम सेगमेंट में श्रद्धांजलि दी गई। यह उनके निधन के बाद का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान है, जो नवंबर 2025 में हुआ। इस अवसर पर उनकी पत्नी और प्रसिद्ध अभिनेत्री हेमा मालिनी ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं, इसे न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बताया।
हेमा मालिनी की भावनाएं
हेमा ने कहा कि यह एक अद्भुत क्षण था और धर्मेंद्र इस सम्मान के पूरी तरह से हकदार थे। उन्होंने यह भी बताया कि इस साल किसी अन्य भारतीय कलाकार को यह सम्मान नहीं मिला, जिससे यह और भी विशेष बन गया। उनके अनुसार, धर्मेंद्र के प्रशंसक केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विश्वभर में फैले हुए थे। वह सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक व्यक्ति भी थे। हेमा ने भावुक होकर कहा कि उनके जैसा कोई और नहीं हो सकता।
यादों में बसी बातें
अपने लंबे रिश्ते को याद करते हुए, हेमा ने कहा कि काश वे फिर से एक साथ स्क्रीन साझा कर पाते। उन्होंने बताया कि उनकी आधी से अधिक जिंदगी एक कलाकार और जीवनसाथी के रूप में एक साथ बीती। धर्मेंद्र के निधन को स्वीकार करना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि मजबूत होने के बावजूद कभी-कभी टूटन महसूस होती है।
परिवार में एकता का संदेश
धर्मेंद्र के निधन के बाद परिवार में तनाव की चर्चाएं हुईं, खासकर उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर और बेटों सनी और बॉबी देओल के साथ। हेमा ने स्पष्ट किया कि परिवार में कोई नकारात्मकता नहीं है। उनके अनुसार, सभी धर्मेंद्र से बेहद प्यार करते थे और वह परिवार के लिए प्यार और मूल्यों का स्रोत थे।
धर्मेंद्र की कमी महसूस होती है
24 फरवरी को धर्मेंद्र के निधन के तीन महीने पूरे हुए। हेमा ने बताया कि उनके पुराने साथी और स्टाफ आज भी उन्हें याद करते हैं। कई लोग कहते हैं कि उनकी बहुत याद आती है, जो दर्शाता है कि उनका प्रभाव केवल परिवार तक सीमित नहीं था।
हेमा का भविष्य
हेमा मालिनी ने यह भी कहा कि वह डांस शो में व्यस्त हैं और यदि कोई अच्छा फिल्म रोल मिलता है, तो वह जरूर करेंगी। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र को उनका डांस देखना बहुत पसंद था और वह हमेशा कहते थे कि उन्हें कभी रुकना नहीं चाहिए। हेमा ने भारतीय परंपरा और कला को बनाए रखने को गर्व की बात बताया।