नाना पाटेकर का निधन: अंतिम क्षणों की भावुक कहानी
नाना पाटेकर का निधन
नाना पाटेकर का निधन: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन सभी के लिए एक बड़ा सदमा है। 75 वर्ष की आयु में, उन्होंने गोवा स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु से पहले के कुछ घंटे विशेष रूप से चर्चा का विषय बने हुए हैं। रात करीब 2:30 बजे, नाना ने अपने मित्र को एक संदेश भेजा, जिसमें उन्होंने अपनी तबीयत ठीक न होने और बाईं ओर दर्द की शिकायत की थी।
मदद की गुहार
रात का समय होने के कारण उनके मित्र ने तुरंत संदेश नहीं देखा। जब उन्हें इस बारे में पता चला और वे नाना के घर पहुंचे, तब तक उनकी स्थिति गंभीर हो चुकी थी। डॉक्टर शेखर सालकर ने बताया कि नाना ने असहजता और बाईं ओर दर्द की शिकायत की थी। यह छोटा सा संदेश उनके प्रशंसकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ गया है।
अंतिम क्षणों की कहानी
नाना के अंतिम क्षणों की कहानी इसलिए भी भावुक है क्योंकि उन्हें खुद एहसास हो गया था कि कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने अपने मित्र को लिखा, 'अच्छा नहीं लग रहा है', लेकिन रात के उस समय संदेश का तुरंत जवाब नहीं दिया जा सका। उस समय नाना गोवा में अकेले थे, उनके साथ केवल एक देखभाल करने वाला था।
डेढ़ घंटे बाद की स्थिति
जब उनके मित्र ने संदेश देखा, तो उन्होंने नाना से संपर्क करने की कोशिश की और उनके घर की ओर बढ़े। लगभग डेढ़ घंटे बाद, जब वे पहुंचे, तो नाना पसीने से तरबतर थे और सांस लेने में कठिनाई महसूस कर रहे थे। उनकी स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ रही थी। इसके बाद, देखभाल करने वाले को अस्पताल भेजा गया और एंबुलेंस बुलाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
एंबुलेंस की देरी
डॉक्टरों के अनुसार, जब एंबुलेंस की टीम नाना के घर पहुंची, तब वे पूरी तरह बेहोश थे और किसी भी बात पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे। टीम ने उन्हें घर पर ही CPR देना शुरू किया। इसके बाद, लगभग 4:20 बजे उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जीवन बचाने की कोशिशें तेज हो गईं, लेकिन समय तेजी से बीत रहा था।
अस्पताल में अंतिम प्रयास
अस्पताल में भी डॉक्टरों ने नाना को बचाने के लिए लगभग 45 मिनट तक प्रयास किए, लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट का सामना करना पड़ा। हालांकि, मौत के सही कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम किया गया। इस प्रकार, एक महान कलाकार का सफर चुपचाप समाप्त हो गया।