नीलम कोठारी ने 80 और 90 के दशक की शूटिंग के अनुभव साझा किए
पुराने दिनों की यादें
मुंबई: बॉलीवुड की 80 और 90 के दशक की प्रसिद्ध अभिनेत्री नीलम कोठारी ने हाल ही में अपने यूट्यूब व्लॉग में उस समय के फिल्म उद्योग को याद किया। उन्होंने कहा कि भले ही उस समय शूटिंग के दौरान आज जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं, लेकिन उस दौर की सादगी और खूबसूरती उनके लिए बेहद खास है।
सुविधाओं की कमी
नीलम ने बताया कि 80 और 90 के दशक में फिल्म सेट पर एयर कंडीशनर और वैनिटी वैन जैसी सुविधाएं नहीं होती थीं। इसके बावजूद, उस समय काम करने का अनुभव अद्वितीय था।
शूटिंग का अनुभव
उन्होंने कहा, "जब मैं शूटिंग के लिए सेट पर जाती थी, तो एसी तो दूर, वैनिटी वैन भी नहीं होती थी। सेट पर पहुंचते ही पसीना आने लगता था। मेकअप रूम में एक घंटे का मेकअप और एक घंटे का हेयरस्टाइल बनाने में समय लगता था, लेकिन सेट पर पहुंचते ही सब बिगड़ जाता था।"
पुराने दौर की याद
नीलम ने कहा, "अगर मुझसे पूछा जाए कि आज के सेट और 80-90 के दशक के सेट में से मैं किसे चुनूंगी, तो मैं बिना किसी संकोच के पुराने दौर को चुनूंगी। उस समय की सादगी और अपनापन कुछ अलग ही था, जिसे मैं आज भी बहुत याद करती हूं।"
गोविंदा के साथ काम करने का अनुभव
नीलम ने अपने को-स्टार गोविंदा के साथ काम करने के अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि खासकर गानों की शूटिंग के दौरान उनके बीच एक दोस्ताना प्रतिस्पर्धा होती थी।
लोकप्रिय गाना 'आप के आ जाने से'
उन्होंने अपने सबसे प्रसिद्ध गाने 'आप के आ जाने से' का भी जिक्र किया। नीलम ने कहा, "यह मेरा सबसे बड़ा हिट गाना है। यह इतना आइकॉनिक बन गया है और आज भी लोगों के बीच उतना ही लोकप्रिय है। इसके लिए मैं दर्शकों का दिल से धन्यवाद करती हूं।"
फिल्म 'खुदगर्ज' का गाना
गौरतलब है कि 'आप के आ जाने से' साल 1987 में रिलीज हुई फिल्म 'खुदगर्ज' का गाना था, जिसका निर्देशन राकेश रोशन ने किया था। गोविंदा और नीलम पर फिल्माया गया यह गाना उस दौर के सबसे यादगार गानों में से एक है।
फिल्मी करियर की शुरुआत
नीलम कोठारी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1984 में फिल्म 'जवानी' से की थी। इसके बाद उन्होंने 80 और 90 के दशक में कई सफल फिल्मों में काम किया, जैसे 'लव 86', 'इल्जाम', 'खुदगर्ज', 'हत्या', 'ताकतवर', 'सिंदूर', 'पाप की दुनिया' और 'घराना'।