×

नूतन: हिंदी सिनेमा की एक अद्वितीय अदाकारा का सफर

नूतन, हिंदी सिनेमा की एक अद्वितीय अदाकारा, जिन्होंने अपनी अदाकारी और सरलता से लाखों दिलों पर राज किया। जानें उनके जीवन की कहानी, जिसमें संघर्ष, सफलता और कई यादगार फिल्मों का जिक्र है। नूतन ने कम उम्र में ही फिल्मी दुनिया में कदम रखा और मिस इंडिया का खिताब जीतकर अपनी पहचान बनाई। उनके करियर की ऊंचाइयों और बड़े सितारों के साथ काम करने के अनुभवों के बारे में जानें।
 

नूतन का अद्वितीय सफर


मुंबई: हिंदी फिल्म उद्योग में कुछ नाम ऐसे हैं जिनकी चमक समय के साथ और भी बढ़ती जाती है। नूतन, एक ऐसी अदाकारा थीं, जिन्होंने अपनी बेहतरीन अदाकारी और सरलता से लाखों दिलों पर राज किया। आज भी उनके द्वारा निभाए गए किरदार दर्शकों के दिलों में जीवित हैं। हालांकि, उनकी सफलता की कहानी उतनी सरल नहीं थी जितनी कि पर्दे पर दिखाई देती है। 4 जून 1936 को जन्मी नूतन एक फिल्मी परिवार से थीं। उनकी मां शोभना समर्थ उस समय की प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं, जबकि उनके पिता कुमार सेन समर्थ एक निर्देशक और कवि के रूप में जाने जाते थे। नूतन का झुकाव बचपन से ही अभिनय की ओर था।


कम उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम

नूतन ने बहुत कम उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखा। 1950 में, उनकी मां द्वारा निर्मित फिल्म 'हमारी बेटी' से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की, जब उनकी उम्र केवल 14 वर्ष थी। हालांकि, शुरुआती दिनों में उन्हें उनके रूप-रंग के कारण काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, जिससे उनके आत्मविश्वास पर असर पड़ा। कहा जाता है कि इसी दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण अवसर गंवा दिए। लेकिन नूतन ने हार नहीं मानी और अभिनय के माध्यम से खुद को साबित करने का निर्णय लिया, जो उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।


मिस इंडिया का खिताब और करियर की नई शुरुआत

सिर्फ 16 साल की उम्र में नूतन ने मिस इंडिया का खिताब जीता, जिसने उन्हें नई पहचान दिलाई और फिल्म उद्योग का ध्यान उनकी ओर आकर्षित किया। इसके बाद, उनके करियर में तेजी से वृद्धि हुई। 1955 में आई फिल्म 'सीमा' ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी, जिसमें उनके अभिनय की प्रशंसा की गई। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। यह वह समय था जब नूतन ने साबित कर दिया कि अभिनय में उनका मुकाबला करना आसान नहीं है।


बड़े सितारों के साथ काम

नूतन ने अपने करियर में उस समय के लगभग सभी बड़े सितारों के साथ काम किया। उन्होंने देव आनंद के साथ 'पेइंग गेस्ट' और राज कपूर के साथ 'अनाड़ी' तथा 'छलिया' जैसी सफल फिल्मों में अभिनय किया। 'सोने की चिड़िया', 'तेरे घर के सामने' और 'बंदिनी' जैसी फिल्मों ने भी उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।