नोरा फतेही का 'सरके चुनर' विवाद: क्या है मामला और संजय दत्त की माफी?
महिला आयोग की सुनवाई में नोरा फतेही की पेशी
नई दिल्ली: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) गुरुवार को 'सरके चुनर' गाने से संबंधित मामले की सुनवाई करेगा, जिसमें फिल्म अभिनेत्री नोरा फतेही को पेश होने के लिए बुलाया गया है। 27 अप्रैल को हुई पिछली सुनवाई में अभिनेता संजय दत्त ने आयोग के सामने अपनी बात रखी थी। उन्होंने इस गाने को लेकर माफी मांगी और एक हलफनामा भी प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने 50 आदिवासी लड़कियों की शिक्षा का खर्च उठाने का वादा किया। संजय ने कहा कि गाने का फिल्मांकन कन्नड़ में हुआ था और हिंदी डबिंग के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। उस दिन नोरा फतेही उपस्थित नहीं हो पाई थीं।
नोरा फतेही की अनुपस्थिति और आयोग की प्रतिक्रिया
नोरा 27 अप्रैल को पेश नहीं हो पाई
6 अप्रैल को हुई सुनवाई में नोरा के वकील ने उनकी ओर से प्रतिनिधित्व किया, लेकिन आयोग ने इसे स्वीकार नहीं किया। आयोग ने निर्देश दिया कि नोरा को 27 अप्रैल को खुद उपस्थित होना होगा। उस दिन आयोग की अध्यक्ष विजया के. राहटकर ने गाने के बोलों पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि ऐसे गाने महिलाओं की गरिमा को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रचनात्मकता के नाम पर महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता।
गाने का विवाद और संजय दत्त की माफी
सरके चुनर' गाने का विवाद
इस मामले में गीतकार रकीब आलम, निर्देशक प्रेम और प्रोडक्शन कंपनी के प्रतिनिधि भी आयोग के सामने पेश हुए। उन्होंने एक लिखित माफीनामा प्रस्तुत किया, जिसमें स्वीकार किया गया कि इस गाने का समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वे भविष्य में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करेंगे। यह विवादित गाना कन्नड़ फिल्म KD: The Devil का हिस्सा है, जिसे रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। आयोग के सख्त रुख के बावजूद, नोरा फतेही 27 अप्रैल को सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पाईं। अब उन्हें 7 मई को सुबह 11:30 बजे आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।
संजय दत्त की माफी और वादे
संजय दत्त पहले ही मांग चुके हैं माफी
इस मामले में संजय दत्त ने 27 अप्रैल को आयोग के सामने पेश होकर लिखित माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा कभी भी महिलाओं या समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। सुनवाई के दौरान, आयोग की अध्यक्ष ने उनसे कई सवाल पूछे और कलाकारों की सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। संजय ने यह भी वादा किया कि वे 50 आदिवासी लड़कियों की शिक्षा का खर्च उठाएंगे और भविष्य में अपने सभी प्रोजेक्ट्स में महिलाओं और बच्चों की गरिमा का सम्मान करेंगे।