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पद्म अवॉर्ड्स 2026: राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी 66 हस्तियों का सम्मान

पद्म अवॉर्ड्स 2026 का पहला समारोह आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 66 प्रमुख हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। इस समारोह में बॉलीवुड, साउथ सिनेमा और संगीत की कई बड़ी शख्सियतें शामिल हैं। जानें किसे मिले अवॉर्ड्स और कब आप इसे लाइव देख सकते हैं। यह समारोह न केवल व्यक्तिगत सम्मान है, बल्कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान को मान्यता देने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है।
 

पद्म अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन


पद्म अवॉर्ड्स 2026: भारत के गणतंत्र दिवस से पहले, आज सोमवार को पद्म अवॉर्ड्स 2026 का पहला समारोह आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज शाम 5 बजे राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में 66 चयनित व्यक्तियों को सम्मानित करेंगी। इस बार के अवॉर्ड्स में बॉलीवुड, साउथ सिनेमा और संगीत की कई प्रमुख शख्सियतें शामिल हैं।


समारोह का समय और स्थान

पद्म अवॉर्ड्स 2026 का यह पहला समारोह आज शाम 5:00 बजे शुरू होगा। आप इसे आकाशवाणी AIR के यूट्यूब चैनल पर लाइव देख सकते हैं। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे।


अवॉर्ड्स के प्राप्तकर्ता

इस वर्ष कुल 131 पद्म अवॉर्ड्स की स्वीकृति दी गई है, जिसमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। पहले चरण में 66 अवॉर्ड्स दिए जाएंगे।


एंटरटेनमेंट क्षेत्र के सम्मानित व्यक्ति

पद्म भूषण (मरणोपरांत): धर्मेंद्र को भारतीय सिनेमा में उनके लंबे और महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया जा रहा है।


पद्म भूषण: अल्का याग्निक और मम्मूटी को उनके उत्कृष्ट करियर के लिए यह सम्मान मिल रहा है। अल्का याग्निक अपनी मधुर आवाज के लिए दशकों से दर्शकों के दिलों में बसी हुई हैं।


पद्म श्री: आर माधवन, प्रसेनजित चटर्जी, सतीश शाह (मरणोपरांत), और अनिल रस्तोगी को भी इस सम्मान से नवाजा जा रहा है। आर माधवन हाल के वर्षों में अपनी फिल्मों और सामाजिक कार्यों के लिए चर्चा में रहे हैं। बंगाली सिनेमा के दिग्गज प्रसेनजित चटर्जी को भी इस सम्मान से नवाजा जा रहा है। कॉमेडियन सतीश शाह को भारतीय सिनेमा और थिएटर में उनके योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म श्री मिलेगा।


एंटरटेनमेंट जगत के लिए महत्वपूर्ण अवसर

पद्म अवॉर्ड्स केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं हैं, बल्कि यह कला, संस्कृति और संगीत के क्षेत्र में किए गए योगदान को राष्ट्र द्वारा मान्यता देने का एक अवसर भी है। धर्मेंद्र और सतीश शाह जैसे दिग्गजों को मरणोपरांत सम्मान मिलना भावुक करने वाला है। वहीं, ममूटी, अल्का याग्निक और माधवन जैसे कलाकारों का चयन यह दर्शाता है कि विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों के कलाकारों को देश द्वारा सम्मानित किया जा रहा है।