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परेश रावल का 71वां जन्मदिन: जानें उनके जीवन की अनकही कहानियाँ

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता परेश रावल आज 71 वर्ष के हो गए हैं। उनके जन्मदिन पर जानें उनके जीवन की कुछ दिलचस्प बातें, जैसे कि उनका थिएटर से शुरू हुआ सफर और फिल्म इंडस्ट्री में उनकी सफलता। परेश ने न केवल खलनायक की भूमिकाएँ निभाईं, बल्कि कॉमेडी में भी अपनी छाप छोड़ी। इस लेख में उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्में और पुरस्कारों का जिक्र किया गया है।
 

परेश रावल का जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि

बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता परेश रावल आज, 30 मई को, अपने 71वें जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं। उन्होंने अपनी अदाकारी के जरिए फिल्म इंडस्ट्री में एक विशेष स्थान प्राप्त किया है। चाहे वह खलनायक की भूमिका हो या कॉमेडी, परेश हर किरदार में खुद को ढाल लेते हैं। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें जानते हैं।


शुरुआत और थिएटर का प्यार

परेश रावल का जन्म 30 मई 1955 को मुंबई में एक गुजराती परिवार में हुआ। उनका बचपन पार्ले ईस्ट में बीता, जहां एक ओपन थिएटर था। यहीं से उन्हें अभिनय में रुचि हुई। वह बचपन में काफी शरारती थे और 9 साल की उम्र में बिना टिकट के नाटक देखने के लिए थिएटर में घुस जाते थे। कई बार उन्हें बाहर भी निकाला गया।


जब परेश बार-बार थिएटर में घुसने की कोशिश करते थे, तो वहां के लोगों ने उनके जुनून को समझा और उन्हें नाटक देखने की अनुमति दी। धीरे-धीरे उन्हें छोटे-छोटे रोल मिलने लगे, जो उनके करियर की नींव बने। हालांकि, उन्होंने पहले बैंक ऑफ बड़ौदा में नौकरी की, लेकिन जल्दी ही अभिनय की दुनिया में कदम रखा।


फिल्मी सफर की शुरुआत

परेश रावल ने 1984 में फिल्म 'होली' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। इसके बाद 1985 में 'अर्जुन' जैसी फिल्मों में छोटे-छोटे रोल किए। लेकिन उन्हें असली पहचान 1986 में आई फिल्म 'नाम' से मिली। 80 और 90 के दशक में उन्होंने लगभग 100 से अधिक फिल्मों में खलनायक की भूमिकाएँ निभाईं। उनकी फिल्मों में 'मोहरा', 'क्रांतिवीर', 'राम लखन', और 'दामिनी' शामिल हैं, जहां उनके अभिनय की सराहना हुई।


सफलता की नई ऊँचाइयाँ

परेश रावल ने न केवल खलनायक की भूमिकाएँ निभाईं, बल्कि कई गंभीर और कॉमिक किरदार भी किए। 2000 में आई फिल्म 'हेरा फेरी' ने उनके करियर को नई ऊँचाइयाँ दी। इस फिल्म में उनका किरदार 'बाबूराव गणपत आप्टे' आज भी भारतीय कॉमेडी सिनेमा का एक यादगार चेहरा है।


इसके बाद उन्होंने 'गरम मसाला', 'भूल भुलैया', 'हंगामा', 'वेलकम', 'गोलमाल' सीरीज और 'ओह माय गॉड' जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया। परेश रावल ने साबित किया कि वह हर भूमिका में फिट हो सकते हैं। उन्हें दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और एक बार फिल्म फेयर अवार्ड से सम्मानित किया गया, साथ ही 2014 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से भी नवाजा गया।