प्रकाश राज ने वोटर लिस्ट विवाद पर उठाए सवाल, सरकार पर साधा निशाना
प्रकाश राज की नाराजगी
मुंबई: बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के मशहूर अभिनेता प्रकाश राज ने कर्नाटक में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, बेंगलुरु से लगभग 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिसमें उनका नाम भी शामिल है। इस मुद्दे पर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अपनी नाराजगी व्यक्त की है।
प्रकाश राज का जन्म और राजनीतिक सफर
प्रकाश राज ने बताया कि उनका जन्म बेंगलुरु में हुआ और उन्होंने अपनी शिक्षा और थिएटर का सफर भी यहीं से शुरू किया। इसके अलावा, वह 2019 में बेंगलुरु सेंट्रल सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ चुके हैं। ऐसे में वोटर लिस्ट से नाम हटने की बात उनके लिए चौंकाने वाली है।
सरकार पर आरोप
प्रकाश राज ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अब उन्हें यह देखना होगा कि वोटर ID प्राप्त करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी लोग अपनी शक्ति का उपयोग उन मतदाताओं को रोकने के लिए कर सकते हैं, जिनका समर्थन उन्हें नहीं मिल रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जनता के पास अपनी ताकत है और वे इसका सही उपयोग कर सकते हैं।
पिछला विवाद
यह पहली बार नहीं है जब प्रकाश राज वोटर ID विवाद में फंसे हैं। पिछले महीने, बेंगलुरु की अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत दी थी, जब उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था। उन पर आरोप था कि उनके नाम से कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में चार वोटर ID कार्ड हैं। यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।
वोटर लिस्ट सत्यापन की प्रक्रिया
कर्नाटक में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य 17 अगस्त तक चलेगा। इसके बाद 24 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। मतदाता 24 अगस्त से 23 सितंबर तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इस प्रक्रिया के अंत में, 27 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। हाल के आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक में 5.54 करोड़ से अधिक मतदाताओं में लगभग 1.09 करोड़ लोग अनुपस्थित, दूसरी जगह जा चुके, डुप्लिकेट या मृत श्रेणी में पाए गए हैं। बेंगलुरु अर्बन में ऐसे मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 44 प्रतिशत है।