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प्रधानमंत्री मोदी का छात्रों से संवाद: विकास और रोजगार पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज में छात्रों से संवाद किया, जहां उन्होंने भारत के विकास और रोजगार के अवसरों पर जोर दिया। उन्होंने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। मोदी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि सच के सामने झूठ नहीं टिक सकता। उन्होंने भविष्य में भारत को रिसर्च और इनोवेशन का केंद्र बनाने का वादा किया। जानें उनके विचार और योजनाएं इस संवाद में।
 

प्रधानमंत्री का संवाद

नई दिल्ली। जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 'जेन जी' से सीधा संवाद किया। शनिवार की शाम, दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में छात्रों के साथ बातचीत करते हुए, मोदी ने कहा, 'मुझे देश और युवाओं पर भरोसा है। हम 140 करोड़ भारतीय मिलकर विकसित भारत का निर्माण करेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है।


प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि सच के सामने झूठ नहीं टिक सकता। छात्रों के सामने अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए, उन्होंने अपने भविष्य के दृष्टिकोण को साझा किया। मोदी ने कहा, 'भारत आने वाले समय में रिसर्च और इनोवेशन का केंद्र बनेगा। हम अपना स्पेस स्टेशन बनाएंगे और एक दिन ऐसा ओलंपिक आयोजित करेंगे कि पूरी दुनिया देखेगी।' यह उनकी एसआरसीसी में 13 साल बाद की वापसी थी, जहां उन्होंने पहले भी छात्रों को संबोधित किया था।


कॉलेज के शताब्दी समारोह में, मोदी ने छात्रों से जुड़ने का प्रयास किया और कहा, 'आपके पूर्व छात्र ओजी हैं, जिन्होंने हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।' उन्होंने कहा, 'मुझमें हिम्मत है, इसलिए मैंने अपना रिपोर्ट कार्ड आपके सामने रखा है। मुझे पता है कि झूठ की गूंज नहीं चलेगी।' उन्होंने अपनी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 'मेड इन इंडिया' पर काम करने की आवश्यकता थी, जिसे पहले विरोध का सामना करना पड़ा था। आज भारत में बड़े स्मार्टफोन का निर्माण हो रहा है और मोबाइल एक्सपोर्ट 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।


मोदी ने आगे कहा, 'पहले भारत को डिफेंस का सामान बाहर से मंगाना पड़ता था, लेकिन अब हमारी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग अपने उच्चतम स्तर पर है। आज भारत लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का डिफेंस प्रोडक्शन कर रहा है। 2014 में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट कुछ सौ करोड़ था, जो अब 40 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।' उन्होंने कहा कि 2013 में भारत को 'फ्रेजाइल फाइव' कहा जाता था, लेकिन अब दुनिया हमें पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में देख रही है।


प्रधानमंत्री ने कहा, 'भारत न केवल विकास कर रहा है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है। लेकिन 2013 में जिन लोगों के लिए ग्लास आधा खाली था, उनके लिए आज भी वही स्थिति है।' उन्होंने यह भी कहा कि देश में विभिन्न प्रकार के लोग हैं, एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखने वाले और दूसरे जो हर चीज में नकारात्मकता फैलाते हैं।