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प्रियंका चोपड़ा की अमृतसर यात्रा: स्वर्ण मंदिर में सेवा का अद्भुत उदाहरण

प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सेवा कार्य किया, जहां उन्होंने लंगर हॉल में अन्य महिलाओं के साथ मिलकर जूठे बर्तन धोए। उनका यह कार्य न केवल उनकी सादगी को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से कितनी जुड़ी हुई हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें प्रियंका की मुस्कान और विनम्रता ने सभी का दिल जीत लिया। जानें उनके इस अनुभव के बारे में और कैसे उन्होंने अपनी पहचान को बनाए रखा है।
 

प्रियंका चोपड़ा का स्वर्ण मंदिर में सेवा कार्य


मुंबई: बॉलीवुड की अंतरराष्ट्रीय पहचान प्रियंका चोपड़ा वर्तमान में अमृतसर में हैं, जहां उन्होंने स्वर्ण मंदिर (श्री दरबार साहिब) में अपनी भक्ति और सादगी का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। मंगलवार को मंदिर में उनकी सेवा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें प्रियंका लंगर हॉल में अन्य महिलाओं के साथ मिलकर जूठे बर्तन धोती दिखाई दे रही हैं।


गोल्डन टेंपल में प्रियंका की सेवा


वीडियो में प्रियंका एक साधारण सूट पहने और सिर पर दुपट्टा ओढ़े नजर आ रही हैं। उन्होंने माथा टेकने के बाद लंगर की सेवा में योगदान दिया। बर्तन धोते समय उनका चेहरा शांत और मुस्कुराता हुआ दिख रहा है, जिसे देखकर उनके प्रशंसक भावुक हो गए और सोशल मीडिया पर उनकी प्रशंसा की। कई लोगों ने टिप्पणी की कि हॉलीवुड में सफलता पाने के बावजूद प्रियंका अपनी जड़ों से जुड़ी हुई हैं।


प्रियंका के अमृतसर आने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। कुछ का मानना है कि यह फिल्म की शूटिंग से संबंधित हो सकता है, जबकि अन्य इसे पारिवारिक या आध्यात्मिक यात्रा मानते हैं। हाल ही में, उन्होंने इंस्टाग्राम पर पंजाबी खाने की तस्वीर साझा की थी, जिसमें उन्होंने लिखा था – 'Just Amritsar things...' जिससे यह प्रतीत होता है कि वे पंजाबी संस्कृति का आनंद ले रही हैं।




सिख धर्म में 'सेवा' का विशेष महत्व है, जो बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए की जाने वाली निस्वार्थ सेवा है। प्रियंका ने इस परंपरा का सम्मान करते हुए आम श्रद्धालुओं की तरह सेवा में भाग लिया। वीडियो में वे अन्य महिलाओं के साथ बैठकर बर्तन धोते हुए नजर आ रही हैं, जो उनकी विनम्रता को दर्शाता है। प्रशंसकों का कहना है कि प्रियंका ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चाहे वे अमेरिका में रहें और हॉलीवुड में काम करें, लेकिन दिल से वे हमेशा 'देसी गर्ल' ही रहेंगी।


प्रियंका चोपड़ा ने पहले भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े कार्य किए हैं। चाहे वह उनके गाने 'देसी गर्ल' हों या विभिन्न अवसरों पर भारतीय परंपराओं को अपनाना, वे हमेशा अपनी पहचान को बनाए रखती हैं। इस बार स्वर्ण मंदिर में उनकी सेवा ने उन्हें और भी करीब ला दिया है। यह वीडियो देखकर कई युवा भी प्रेरित हो रहे हैं कि सफलता के बावजूद अपनी संस्कृति और सेवा भाव को नहीं भूलना चाहिए।