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फिल्म 'हनुमान अंश' की अप्रत्याशित सफलता और निर्देशक विशाल का संघर्ष

फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी अप्रत्याशित सफलता से सभी को चौंका दिया है। निर्देशक विशाल ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे दर्शकों की प्रतिक्रिया ने फिल्म की किस्मत बदल दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक प्रेरणादायक पोस्ट से प्रेरणा लेकर दर्शकों से सीधे जुड़ने का निर्णय लिया। जानें इस फिल्म की सफलता की पूरी कहानी और विशाल के अनुभव।
 

फिल्म की सफलता ने सबको चौंकाया


फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर अपने प्रदर्शन से सभी को हैरान कर दिया है। इसकी रिलीज से पहले इस फिल्म के बारे में ज्यादा चर्चा नहीं थी, लेकिन जब यह सिनेमाघरों में आई, तो दर्शकों ने इसे भरपूर समर्थन दिया। इस सफलता के बीच, इसके निर्देशक विशाल ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बॉलीवुड इंडस्ट्री पर अपनी बेबाक राय साझा की।


शो की संख्या में गिरावट

विशाल ने बताया कि एक समय ऐसा आया था जब फिल्म के शो लगातार कम होते जा रहे थे, और उन्हें लगने लगा था कि उनका प्रोजेक्ट असफल हो गया है। दर्शकों की प्रतिक्रिया ने धीरे-धीरे फिल्म की स्थिति को बदल दिया।


7 अगस्त को रिलीज हुई 'हनुमान अंश' को शुरुआत में देशभर में 350 से अधिक शो मिले थे। लेकिन अन्य फिल्मों की रिलीज के कारण इसकी स्क्रीनिंग कम होती चली गई। 'द रौनक पॉडकास्ट' पर बातचीत में विशाल ने बताया कि उनके फिल्म के शो एक समय 250 से घटकर केवल 25 रह गए थे। बड़े मल्टीप्लेक्स में भी फिल्म को स्क्रीन देने में झिझक दिखाई जा रही थी।


एक प्रेरणादायक सोशल मीडिया पोस्ट

विशाल ने कहा कि इसी कठिन समय में उन्हें इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट नजर आई। उन्होंने सामान्यतः ऐसी पोस्ट को नजरअंदाज करने की बात कही, लेकिन उस समय का संदेश उन्हें काफी प्रभावित किया। उस संदेश का सार यह था कि इंसान को अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और बाकी चीजों की चिंता नहीं करनी चाहिए। इसने उन्हें फिल्म के लिए फिर से प्रयास करने की प्रेरणा दी।


दर्शकों से सीधे जुड़ने का प्रयास

विशाल ने अपनी टीम के साथ विभिन्न शहरों में जाकर दर्शकों से सीधे मुलाकात की। स्वतंत्रता दिवस से पहले शुक्रवार को, वह फिल्म के मुख्य अभिनेता शोबिनव सत्या और संगीतकार ऋषि पाठक के साथ सूरत पहुंचे। सूरत में उस समय फिल्म का केवल एक शो चल रहा था। विशाल के अनुसार, जब थिएटर मालिकों ने दर्शकों की प्रतिक्रिया देखी, तो उनका दृष्टिकोण बदल गया। दर्शक कलाकारों से मिलकर भावुक हो रहे थे और उन्हें गले लगा रहे थे। इसके बाद, थिएटर मालिक ने अन्य सिनेमाघरों से संपर्क करना शुरू किया और फिल्म के शो बढ़ाए गए।