बाहुबली 2: द कॉन्क्लूज़न की रिलीज के 9 साल: अनसुने तथ्य
बाहुबली 2: द कॉन्क्लूज़न का जादू
आज से नौ साल पहले, 2017 में, एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई जिसने हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा में हलचल मचा दी। इस फिल्म का नाम था 'बाहुबली 2: द कॉन्क्लूज़न'।
इस फिल्म के रिलीज होने के साथ ही यह पहली फिल्म बनी, जिसका पेड प्रीव्यू आयोजित किया गया था। आजकल, पेड प्रीव्यू का चलन हर हिंदी फिल्म में देखने को मिलता है। इस खास मौके पर, हम आपको इस फिल्म से जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य बताएंगे।
बाहुबली 2: द कॉन्क्लूज़न ने भारत की दूसरी सबसे बड़ी फिल्म का खिताब अपने नाम किया, हालांकि यह 'दंगल' के रिकॉर्ड को तोड़ने में असफल रही। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस फिल्म की शूटिंग के दौरान, पहले भाग की 30 प्रतिशत शूटिंग पहले ही कर ली गई थी।
फिल्म के सेट की चर्चा आज भी होती है, और यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि इसे केवल ग्राफिक्स की मदद से नहीं, बल्कि हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में बनाया गया था। महिष्मति राज्य का सेट 100 एकड़ में फैला हुआ था, और इसके निर्माण में 60 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इस काम में 500 से अधिक लोगों की टीम ने महीनों तक मेहनत की।
फिल्म के कुछ दृश्य केरल के कन्नवम वन, अथिरप्पिल्ली जलप्रपात, और ओरवाकल रॉक गार्डन में भी फिल्माए गए थे। हालांकि, एस.एस. राजामौली ने दूसरे भाग की शूटिंग के लिए छत्तीसगढ़ के हांदावाड़ा वॉटरफॉल को चुना था, लेकिन नक्सली हमलों के डर से उन्होंने शूटिंग को केरल में ही जारी रखा।
कम ही लोग जानते हैं कि 'बाहुबली' का अपना एक म्यूजियम भी है, जहां दोनों फिल्मों में इस्तेमाल हुए हथियार, कवच, और भव्य सेट को संरक्षित किया गया है। यदि आप रामोजी फिल्म सिटी जाते हैं, तो वहां आपको महिष्मती राज्य का सेट और फिल्म के कई यादगार दृश्य देखने को मिलेंगे।