बॉबी देओल की भावुक यादें: पिता धर्मेंद्र के साथ बिताए बचपन के पल
बॉबी देओल की फ़िल्मी वापसी
2023 में, बॉबी देओल ने संदीप रेड्डी वांगा की फ़िल्म "एनिमल" के जरिए बड़े पर्दे पर शानदार वापसी की। यह फ़िल्म उनके लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। रणबीर कपूर के साथ इस फ़िल्म में बॉबी ने विलेन की भूमिका निभाई, जिससे उन्हें काफी प्रशंसा मिली। इस सफलता के बाद, उनके पास कई नए प्रोजेक्ट्स के ऑफ़र आने लगे। इसके बाद, उन्होंने आर्यन खान की सीरीज़ "बेड्स ऑफ़ बॉलीवुड" और दक्षिण भारतीय फ़िल्म "कंगुवा" में भी काम किया।
नवीनतम फ़िल्म "बंदा" का प्रचार
बॉबी देओल की नई फ़िल्म "बंदा" इस शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है, जिसमें वह सान्या मल्होत्रा के साथ नजर आएंगे। फ़िल्म के प्रचार के लिए, बॉबी ने शो "आप की अदालत" में भाग लिया, जहां उन्होंने अपनी निजी ज़िंदगी के बारे में खुलकर चर्चा की।
पिता धर्मेंद्र की यादें
इस बातचीत के दौरान, बॉबी देओल अपने पिता धर्मेंद्र को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि बचपन में उनके पिता ने उन्हें "कद्दू" नाम दिया था, जो आज भी उनके दिल में बसा हुआ है। इस नाम के पीछे की कहानी साझा करते हुए, बॉबी ने बताया कि उनके परिवार के पास खुद की फ़सलें होती थीं। एक बार जब उन्होंने अपने बगीचे में कद्दू देखा, तो उन्होंने अपने पिता से पूछा कि यह क्या है। इसके बाद, उनके पिता ने तय किया कि वे उन्हें "कद्दू" ही बुलाएंगे।
बचपन की यादें
बॉबी ने बताया कि उन्होंने अपने अधिकांश बचपन अपने पिता के साथ बिताया। उन्होंने साझा किया कि 14 साल की उम्र तक वह अपने पिता के साथ सोते थे। जब भी वह बीमार पड़ते थे, तो उनके पिता उन्हें सुलाते थे और वह जल्दी ठीक हो जाते थे।
धर्मेंद्र की कार्यशैली
बॉबी ने याद किया कि जब वह छोटे थे, तो धर्मेंद्र तीन या चार शिफ्ट में काम करते थे और अक्सर रात को देर से घर लौटते थे। बॉबी हमेशा उनके लौटने का इंतज़ार करते थे और जब भी उनके पिता घर आते, वह उनके पास जाकर सो जाते थे। इस दौरान, बॉबी की आँखों में अपने पिता के प्रति प्यार और सम्मान झलक रहा था।
शादी के बाद की आदतें
बॉबी ने बताया कि शादी के बाद, उनकी यह आदत कि वह लाइट जलाकर सोते हैं, अक्सर उनकी पत्नी तान्या के साथ झगड़े का कारण बन जाती थी। उनके पिता की तरह, उन्हें भी लाइट जलाकर सोने की आदत थी, जो उनकी पत्नी को परेशान करती थी।
पिता के प्रति आदर्श
बॉबी देओल ने कहा कि बचपन से ही वह अपने पिता को अपना हीरो मानते थे और हमेशा उन्हीं जैसा बनना चाहते थे। जब भी कोई शिक्षक उनसे पूछता था कि बड़े होकर वह क्या बनना चाहते हैं, तो उनका जवाब हमेशा यही होता था कि वह एक हीरो बनना चाहते हैं।