बॉलीवुड के 70 के दशक का अनोखा किस्सा: अमिताभ और विनोद खन्ना का हादसा
सोशल मीडिया पर 80 के दशक का ट्रेंड
हाल ही में, सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चैटजीपीटी के '80 के दशक के रेट्रो लुक' का ट्रेंड देखने को मिल रहा है। लोग उस समय के चमकीले कपड़ों और विंटेज स्टाइल में खुद को देखने में रुचि दिखा रहे हैं। लेकिन अगर हम असल जिंदगी की बात करें, तो 70 के दशक का बॉलीवुड वास्तव में एक अनोखा और रंगीन दौर था। यह वह समय था जब बड़े पर्दे पर एंग्री यंग मैन की दहाड़ सुनाई देती थी और दर्शकों के रोंगटे खड़े हो जाते थे। इस युग की सबसे प्रसिद्ध जोड़ियों में से एक थी—अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना।
अमिताभ और विनोद खन्ना की जोड़ी
'अमर अकबर एंथनी', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'हेरा फेरी' और 'परवरिश' जैसी सफल फिल्मों में दोनों ने साथ काम किया। पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री जितनी शानदार थी, पर्दे के पीछे उनकी प्रतिद्वंद्विता भी उतनी ही दिलचस्प थी। इसी दौरान एक ऐसा दिन आया जब 'प्रकाश मेहरा' की फिल्म के सेट पर दोनों के बीच एक अप्रत्याशित टकराव हुआ जिसने पूरे बॉलीवुड को हिला कर रख दिया।
फिल्म 'मुकद्दर का सिकंदर' का शूटिंग हादसा
यह घटना 1978 में आई फिल्म 'मुकद्दर का सिकंदर' की शूटिंग के दौरान हुई। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन (सिकंदर) और विनोद खन्ना (विशाल) मुख्य भूमिकाओं में थे। एक एक्शन सीन में, अमिताभ को गुस्से में आकर एक भारी लकड़ी की कुर्सी विनोद की ओर फेंकनी थी।
टाइमिंग की चूक और सेट पर सन्नाटा
जब शूटिंग शुरू हुई, दोनों अभिनेताओं ने अपने संवादों को पूरी ऊर्जा के साथ प्रस्तुत किया। जैसे ही डायरेक्टर ने एक्शन कहा, अमिताभ ने कुर्सी फेंकी। लेकिन, दुर्भाग्यवश, विनोद खन्ना सही समय पर झुक नहीं पाए और कुर्सी उनके चेहरे पर लग गई।
अमिताभ की चिंता और अस्पताल की दौड़
हादसे के बाद शूटिंग रोक दी गई। विनोद खन्ना का चेहरा लहूलुहान हो गया था। अमिताभ तुरंत उनके पास पहुंचे और बार-बार माफी मांगी। विनोद को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके चेहरे पर टांके लगे।
अफवाहों का बाजार
इस घटना के बाद बॉलीवुड में कई अफवाहें फैल गईं। क्या यह केवल एक हादसा था या फिर दोनों सितारों के बीच बढ़ती प्रतिद्वंद्विता का परिणाम? हालांकि, दोनों ने इन अफवाहों को खारिज कर दिया।
दो सितारों के बीच का सम्मान
इस दुखद घटना के बावजूद, दोनों के बीच कोई कड़वाहट नहीं आई। विनोद ने ठीक होने के बाद फिल्म की शूटिंग पूरी की, और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई। अमिताभ और विनोद खन्ना की जोड़ी ने 70 के दशक में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं।
हिंदी सिनेमा का यादगार किस्सा
यह घटना यह दर्शाती है कि उस समय के सुपरस्टार्स न केवल पर्दे पर, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी आपसी सम्मान और पेशेवरिता का उदाहरण पेश करते थे। 'मुकद्दर का सिकंदर' के सेट पर हुआ यह हादसा आज भी हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में याद किया जाता है।