मंदाकिनी ने 'राम तेरी गंगा मैली' के वॉटरफॉल सीन पर अपनी राय साझा की
मंदाकिनी की यादें
प्रसिद्ध अभिनेत्री मंदाकिनी ने अपनी पहली फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' के प्रसिद्ध वॉटरफॉल दृश्य को याद करते हुए कहा कि उन्हें इस सीन की शूटिंग के दौरान कोई अश्लीलता या असहजता का अनुभव नहीं हुआ। एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि जब फिल्म की शूटिंग शुरू हुई थी, तब उनकी उम्र केवल 16 वर्ष थी। राज कपूर द्वारा निर्देशित इस फिल्म का मुख्य उद्देश्य गंगा के चरित्र की पवित्रता को दर्शाना था, न कि इसे सनसनीखेज बनाना।
राज कपूर का मार्गदर्शन
मंदाकिनी ने निर्देशक राज कपूर की कार्यशैली की प्रशंसा की, यह बताते हुए कि वह शूटिंग के दौरान एक प्यार भरा और पारिवारिक माहौल बनाते थे। उन्होंने कहा कि जब कभी उन्हें असहजता महसूस हुई, तो उन्होंने साड़ी को डबल कर लिया। राज कपूर ने उन्हें इसकी अनुमति दी और शॉट सफलतापूर्वक पूरा हुआ। मंदाकिनी ने यह भी कहा कि एक छोटे शहर से आकर इतने बड़े प्रोजेक्ट पर काम करना उनके लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव था, और 16 साल की उम्र में उन्हें यह नहीं पता था कि इस दृश्य को बाद में कैसे देखा जाएगा।
ब्रेस्टफीडिंग सीन का सच
मंदाकिनी ने चर्चित ब्रेस्टफीडिंग सीन के बारे में स्पष्ट करते हुए कहा कि यह वास्तविक नहीं था, बल्कि इसे सही कैमरा एंगल और फ्रेमिंग के माध्यम से फिल्माया गया था। फिल्म की सफलता के बाद कई निर्देशकों ने उनसे ऐसे वॉटरफॉल सीन को फिर से करने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। उनका मानना है कि किसी सीन का प्रभाव कहानी और निर्देशक की दृष्टि पर निर्भर करता है। इसके बाद उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती, गोविंदा और अनिल कपूर जैसे प्रमुख कलाकारों के साथ कई सफल फिल्मों में काम किया।