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मणिपुरी फिल्म 'बूंग' की री-रिलीज से दर्शकों में उत्साह

मणिपुरी फिल्म 'बूंग', जिसने BAFTA अवॉर्ड जीतकर भारत का नाम रोशन किया है, अब 6 मार्च को फिर से सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फरहान अख्तर ने इसकी री-रिलीज की तारीख की घोषणा की है, जिससे दर्शकों में उत्साह बढ़ गया है। यह फिल्म एक छोटे बच्चे और उसकी सिंगल मदर की कहानी है, जो अपने पिता की गुमशुदगी से जूझते हैं। जानें इस फिल्म की खासियत और इसके पीछे की प्रेरणादायक कहानी के बारे में।
 

फिल्म 'बूंग' फिर से सिनेमाघरों में


मुंबई: BAFTA अवॉर्ड जीतने वाली मणिपुरी फिल्म 'बूंग' अब एक बार फिर से सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। फरहान अख्तर ने इसकी री-रिलीज की तारीख की घोषणा की है, जिससे दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यह फिल्म, जो भावनात्मक और प्रेरणादायक है, ने बेस्ट चिल्ड्रेंस एंड फैमिली फिल्म श्रेणी में BAFTA अवॉर्ड जीतकर भारत का नाम रोशन किया है।


BAFTA अवॉर्ड विजेता 'बूंग' की खासियत

यह पहली भारतीय फिल्म है जिसने BAFTA में यह सम्मान प्राप्त किया। 79वें BAFTA अवॉर्ड्स में 22 फरवरी 2026 को लंदन में इसने यह उपलब्धि हासिल की। फिल्म ने हॉलीवुड की प्रमुख फिल्मों जैसे Lilo & Stitch, Zootopia 2 और फ्रेंच एनिमेटेड फिल्म Arco से कड़ी प्रतिस्पर्धा की, लेकिन 'बूंग' ने सभी को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रचा।



फिल्म की कहानी मणिपुर में एक छोटे बच्चे और उसकी सिंगल मदर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पिता की अचानक गुमशुदगी से जूझ रहे हैं। यह कहानी निर्दोषता, परिवार के प्यार, मजबूती और उम्मीद की खूबसूरत झलक पेश करती है, जो सभी उम्र के दर्शकों के लिए खास है। निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी की यह पहली फिल्म है, जिसे फरहान अख्तर और रितेश सिद्धवानी की एक्सेल एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है।


'निर्दोषता, प्यार और साहस की यात्रा'

फिल्म को पहले सितंबर 2025 में सीमित सिनेमाघरों में रिलीज किया गया था, लेकिन BAFTA जीत के बाद अब इसे पूरे भारत में व्यापक रिलीज मिल रही है। फरहान अख्तर ने अपने सोशल मीडिया पर एक नया पोस्टर साझा करते हुए लिखा, 'निर्दोषता, प्यार और साहस की एक यात्रा। भारत की पहली BAFTA अवॉर्ड विजेता फिल्म को सिनेमाघरों में 6 मार्च 2026 को देखें।' यह घोषणा 27 फरवरी 2026 को की गई और अब दर्शक 6 मार्च का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।


BAFTA जीत ने न केवल मणिपुरी और नॉर्थईस्ट सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई है, बल्कि क्षेत्रीय भाषाओं की कहानियों को मुख्यधारा में लाने का एक बड़ा अवसर भी प्रदान किया है। 'बूंग' का यह री-रिलीज वर्जन अधिक स्क्रीन्स पर आएगा, जिससे अधिक लोग इस दिल को छू लेने वाली कहानी का आनंद ले सकेंगे।