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मणिपुरी फिल्म 'बूंग' ने बॉक्स ऑफिस पर मचाई धूम, बनी पहली 1 करोड़ कमाने वाली फिल्म

मणिपुरी फिल्म 'बूंग' ने एक बार फिर से सिनेमा की दुनिया में अपनी छाप छोड़ी है। BAFTA अवॉर्ड जीतने के बाद, इसकी री-रिलीज ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। फिल्म ने 1 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया, जो मणिपुरी सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जानें इस फिल्म की कहानी, निर्देशन और इसके पीछे की प्रेरणा के बारे में। 'बूंग' ने साबित किया है कि अच्छी कहानी और सच्ची भावनाएं सीमाओं को पार कर सकती हैं।
 

मणिपुरी फिल्म 'बूंग' ने फिर से रचा इतिहास


मुंबई: मणिपुरी फिल्म 'बूंग' ने एक बार फिर से सिनेमा की दुनिया में अपनी छाप छोड़ी है। BAFTA अवॉर्ड जीतने के बाद, इसकी री-रिलीज ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। 6 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में दोबारा प्रदर्शित होने के बाद, इसने जल्दी ही 1 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। यह मणिपुरी सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि 'बूंग' अब री-रिलीज पर 1 करोड़ कमाने वाली पहली मणिपुरी फिल्म बन गई है।


फिल्म की कहानी और निर्देशन

इस फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है, जो उनकी पहली फिल्म है। यह एक कमिंग-ऑफ-एज ड्रामा है, जिसमें एक छोटे लड़के की कहानी है जो अपने खोए हुए पिता की तलाश में निकलता है। कहानी मणिपुर के एक गांव में सेट है, जहां परिवार की भावनाएं, प्यार और चुनौतियां खूबसूरती से दर्शाई गई हैं। इसे फरहान अख्तर और रितेश सिद्धवानी की प्रोडक्शन कंपनी Excel Entertainment ने प्रोड्यूस किया है।


BAFTA अवॉर्ड्स में मिली सफलता

फरवरी 2026 में BAFTA अवॉर्ड्स में 'बूंग' ने बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का पुरस्कार जीता। यह पहली भारतीय फिल्म है जिसने इस श्रेणी में BAFTA जीता है। फिल्म ने हॉलीवुड की प्रमुख फिल्मों जैसे 'Zootopia 2', 'Lilo & Stitch' और 'Arco' को पीछे छोड़ दिया। इस जीत ने मणिपुरी सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाने में मदद की है। डायरेक्टर लक्ष्मीप्रिया ने अपने अवॉर्ड स्पीच में मणिपुर में शांति की अपील की, जो बहुत भावुक थी।


री-रिलीज का प्रभाव

पहले यह फिल्म सितंबर 2025 में सीमित रिलीज हुई थी, लेकिन BAFTA जीत के बाद फरहान अख्तर ने 6 मार्च को वाइड री-रिलीज का ऐलान किया। री-रिलीज के बाद फिल्म ने अधिक दर्शकों तक पहुंच बनाई और बॉक्स ऑफिस पर नया रिकॉर्ड स्थापित किया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, स्थानीय कमाई 2.70 करोड़ तक बताई जा रही है, लेकिन री-रिलीज के शुरुआती दिनों में ही 1 करोड़ का माइलस्टोन पार करना मणिपुर के क्षेत्रीय सिनेमा के लिए गर्व की बात है।


सफलता की कहानी

यह सफलता दर्शाती है कि एक अच्छी कहानी और सच्ची भावनाएं सीमाओं को पार कर सकती हैं। 'बूंग' ने यह साबित किया है कि छोटे बजट की फिल्में भी वैश्विक स्तर पर चमक सकती हैं। फैंस और समीक्षक इसे सराह रहे हैं, और यह भारतीय सिनेमा की विविधता को उजागर करती है। मणिपुर जैसे राज्य से ऐसी कहानियों का आना पूरे देश के लिए गर्व की बात है। 'बूंग' अब भी सिनेमाघरों में चल रही है, तो इसे देखना न भूलें। यह फिल्म न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि सोचने पर भी मजबूर करती है। मणिपुरी सिनेमा का यह सुनहरा पल भारतीय फिल्म उद्योग में नई उम्मीद जगाता है।