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मदर्स डे पर बॉलीवुड की कामकाजी माताओं की नई पहचान

आज मदर्स डे के अवसर पर, जानें कैसे बॉलीवुड की माताएं मातृत्व के साथ अपने करियर को भी आगे बढ़ा रही हैं। करीना कपूर, रानी मुखर्जी, दीपिका पादुकोण और आलिया भट्ट जैसी अभिनेत्रियों ने साबित किया है कि मां बनना करियर का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। इस लेख में हम देखेंगे कि कैसे ये सितारे अपने परिवार और काम के बीच संतुलन बना रहे हैं।
 

मदर्स डे का महत्व


मुंबई: आज 9 मई को मदर्स डे मनाया जा रहा है, जब हर कोई अपनी मां को खास महसूस कराने में जुटा है। मातृत्व के बाद महिलाओं के जीवन में कई बदलाव आते हैं। मां बनने के बाद, महिलाएं अक्सर अपने सपनों को छोड़कर बच्चों की देखभाल में लग जाती हैं। बॉलीवुड में एक समय ऐसा था जब मां बनने के बाद कई अभिनेत्रियां धीरे-धीरे लाइमलाइट से गायब हो जाती थीं। शादी के बाद उन्हें कम भूमिकाएं मिलती थीं, और अक्सर देखा जाता था कि मां बनने के बाद उनकी करियर की चमक फीकी पड़ जाती थी।


बदलती सोच

यह प्रवृत्ति कई दशकों तक चली। शादी के बाद धीरे-धीरे गायब होना और फिर कई सालों बाद वापसी करना आम बात थी। लेकिन अब यह धारणा बदल रही है। आज, भारत की कई प्रमुख सितारें यह साबित कर रही हैं कि मातृत्व करियर का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।


मां बनने के बाद की नई शुरुआत

करीना कपूर खान ने मां बनने के बाद कभी भी पूरी तरह से लाइमलाइट से दूरी नहीं बनाई। 'गुड न्यूज' और 'लाल सिंह चड्ढा' जैसी प्रमुख फिल्मों से लेकर 'अंग्रेजी मीडियम' और OTT थ्रिलर 'जाने जान' तक, उनका यह परिवर्तन सहज रहा। फिल्मों के साथ-साथ, उन्होंने अपने सेलिब्रिटी टॉक शो 'व्हाट वीमेन वांट' और अपने ब्रांड से जुड़े कार्य भी जारी रखे, जिससे यह सिद्ध हुआ कि मातृत्व के बाद भी करियर को गति दी जा सकती है।


रानी मुखर्जी के लिए, मातृत्व उनके करियर के सबसे मजबूत चरणों में से एक साबित हुआ। 'हिचकी', 'मर्दानी' और 'मिसेज चटर्जी बनाम नॉर्वे' जैसी फिल्मों ने यह दिखाया कि एक अभिनेत्री आज भी अपनी दमदार अभिनय से दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर सकती है।


कामकाजी माताओं की नई पीढ़ी

दीपिका पादुकोण भी इस बदलाव की एक नई मिसाल हैं। 'पठान', 'जवान' और 'फाइटर' जैसी फिल्मों, अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स और अपने प्रोडक्शन हाउस के कार्यों के बीच, अब मातृत्व को करियर में रुकावट नहीं माना जाता। उन्होंने माताओं के लिए 8 घंटे की शिफ्ट की मिसाल पेश की है, जिससे काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाना संभव हो सके।


आलिया भट्ट भी इस बदलाव का एक जीवंत उदाहरण हैं। इसके अलावा, अनुष्का शर्मा ने एक शांत तरीके से परिवार पर ध्यान केंद्रित किया, साथ ही 'क्लीन स्लेट फिल्मज' के माध्यम से चुनिंदा अभिनय और प्रोडक्शन का कार्य भी जारी रखा।