मलयालम निर्देशक रंजीत को यौन उत्पीड़न के आरोप में न्यायिक हिरासत में भेजा गया
रंजीत की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत
कोच्चि की अदालत ने प्रसिद्ध मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत को बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्हें मंगलवार रात यौन उत्पीड़न के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
रंजीत के वकील ने जानकारी दी कि उन्हें एक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
एक महिला अभिनेत्री की शिकायत के आधार पर रंजीत को मंगलवार शाम इडुक्की जिले से हिरासत में लिया गया। अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि रंजीत ने फिल्म के सेट पर उसका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की थी।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
रंजीत को पहले थोडुपुझा थाने ले जाया गया और फिर कोच्चि पुलिस को सौंपा गया। गिरफ्तारी के बाद, उन्हें चिकित्सा जांच के लिए भेजा गया और फिर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
पुलिस के अनुसार, अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि निर्देशक ने फिल्म की शूटिंग के दौरान उसे एक वैन में बुलाया और उसके साथ यौन उत्पीड़न करने का प्रयास किया।
कुछ दिन पहले कोच्चि नगर पुलिस ने रंजीत के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अभिनेत्री का बयान सोमवार को महिला पुलिस थाने में दर्ज किया गया, जिसके बाद रंजीत को गिरफ्तार किया गया। यह मामला पूरी गोपनीयता के साथ दर्ज किया गया था।
पिछले मामले और उत्पीड़न की रिपोर्ट
मलयालम फिल्म उद्योग में उत्पीड़न और दुर्व्यवहार पर न्यायमूर्ति के. हेमा समिति की रिपोर्ट के बाद रंजीत को यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना करना पड़ा था।
2024 में भी रंजीत के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था, जब एक बंगाली अभिनेत्री ने कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त के पास शिकायत की थी। ईमेल के माध्यम से भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि रंजीत ने 2009 में फिल्म ‘पलेरी मणिक्यम’ में अभिनय के लिए बुलाने के बाद उसे अनुचित तरीके से छुआ था।