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मल्लिका शेरावत का जन्मदिन: रीमा लांबा से मल्लिका बनने की कहानी

मल्लिका शेरावत, जो अपने बोल्ड अंदाज और बेबाकी के लिए जानी जाती हैं, का जन्मदिन है। जानें कैसे उन्होंने रीमा लांबा से मल्लिका शेरावत बनने का सफर तय किया। उनके पिता के विरोध और नाम परिवर्तन की कहानी, साथ ही 'मर्डर' फिल्म से मिली पहचान और बॉलीवुड से हॉलीवुड तक के सफर के बारे में जानें। यह कहानी प्रेरणा देती है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
 

मल्लिका शेरावत का जन्मदिन


मल्लिका शेरावत का जन्मदिन: बॉलीवुड की जानी-मानी अदाकारा मल्लिका शेरावत अपनी बेबाकी और बोल्ड अदाओं के लिए मशहूर हैं। लेकिन उनकी जीवन यात्रा केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है। फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाना उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि उनके परिवार ने इस निर्णय का समर्थन नहीं किया। इतना ही नहीं, उन्होंने अपना नाम भी बदलने का निर्णय लिया। आज, उनके जन्मदिन के अवसर पर हम देखते हैं कि कैसे रीमा लांबा मल्लिका शेरावत बनीं।


पिता का फिल्मों में करियर पर विरोध

मल्लिका शेरावत का जन्म 24 अक्टूबर 1976 को हरियाणा में हुआ। उनका असली नाम रीमा लांबा है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि वह फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखें। उन्हें चिंता थी कि इससे परिवार की प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस कारण उनके पिता ने उन्हें परिवार से अलग करने की बात भी कही थी।


यह मल्लिका के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था। उन्होंने तय किया कि वह अपने पिता का सरनेम नहीं अपनाएंगी और अपनी मां के नाम को अपनी पहचान बनाएंगी। इस प्रकार, उनका नाम मल्लिका शेरावत बन गया।


मल्लिका शेरावत नाम का चयन

एक इंटरव्यू में मल्लिका ने बताया कि उस समय फिल्म इंडस्ट्री में रीमा नाम की कई अभिनेत्रियां थीं। वह एक ऐसा नाम चाहती थीं जो उन्हें अलग पहचान दे सके। उन्हें मल्लिका नाम पसंद आया, जिसका अर्थ है महारानी। वहीं, शेरावत उनके मां का सरनेम था।


यह नाम परिवर्तन उनके लिए केवल एक नाम बदलने तक सीमित नहीं था। उनकी मां ने कठिन समय में हमेशा उनका साथ दिया और उनके निर्णयों का समर्थन किया। मां का सरनेम अपनाकर उन्होंने उन्हें सम्मान देने के साथ-साथ अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की।


'मर्डर' से मिली पहचान

मल्लिका ने अपने करियर की शुरुआत 2002 में फिल्म 'जीना सिर्फ मेरे लिए' से की थी। इसके बाद 2003 में फिल्म 'ख्वाहिश' में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई। लेकिन 2004 में आई फिल्म 'मर्डर' ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। इमरान हाशमी के साथ उनकी जोड़ी और फिल्म में उनके बोल्ड किरदार की काफी चर्चा हुई। इसके साथ ही उन्हें आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा।


बॉलीवुड से हॉलीवुड तक का सफर

मल्लिका ने हिंदी फिल्मों के अलावा अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है। उन्होंने जैकी चैन के साथ फिल्म 'द मिथ' में अभिनय किया। इसके अलावा 'प्यार के साइड इफेक्ट्स', 'वेलकम' और 'डबल धमाल' जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन किया।


मल्लिका का फिल्मी सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और यह कहानी दर्शाती है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए सामाजिक सोच और पारिवारिक विरोध का सामना करना पड़ सकता है।