मुकेश खन्ना ने छात्र प्रदर्शनों पर बेबाकी से रखी अपनी राय
मुकेश खन्ना की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: प्रसिद्ध टीवी अभिनेता मुकेश खन्ना, जो शक्तिमान के रूप में जाने जाते हैं, एक बार फिर अपने स्पष्ट बयानों के कारण चर्चा में हैं। हाल ही में, उन्होंने CJP से जुड़े छात्र प्रदर्शनों और झारखंड में हुए विरोध प्रदर्शनों पर अपनी राय व्यक्त की। खन्ना ने छात्रों की पेपर लीक के खिलाफ चिंताओं को सही ठहराया, लेकिन आंदोलन के हिंसक और राजनीतिक स्वरूप पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कुछ बाहरी तत्व और विदेशी शक्तियां इन आंदोलनों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकती हैं।
पेपर लीक पर गंभीरता
खन्ना ने कहा कि पेपर लीक एक गंभीर मुद्दा है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अपने छात्र जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि पहले भी ऐसे मामले सामने आते थे और तब भी जिम्मेदार व्यक्तियों को पकड़ा जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या शिक्षा मंत्री या प्रधानमंत्री को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराना उचित है।
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
अभिनेता ने यह भी कहा कि छात्र आंदोलन में शिक्षा व्यवस्था और पढ़ाई की गुणवत्ता पर कम चर्चा हुई। उनके अनुसार, विरोध का मुख्य केंद्र पेपर लीक बन गया है। खन्ना ने कहा कि यदि छात्र शिक्षा सुधार की मांग करते हैं, तो यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, लेकिन किसी अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए।
बाहरी तत्वों की भूमिका
खन्ना ने यह भी दावा किया कि कुछ प्रदर्शनों में ऐसे लोग शामिल हो गए हैं जो मूल छात्र आंदोलन का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के पीछे विदेशी आर्थिक मदद और फंडिंग हो सकती है, लेकिन इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं पेश किया। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल छात्रों को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है।
राजनीतिक बहस का मुद्दा
खन्ना के अनुसार, पेपर लीक से प्रभावित छात्रों की चिंता एक मानवीय मुद्दा था, लेकिन इसे धीरे-धीरे राजनीतिक बहस में बदल दिया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों का सवाल यह होना चाहिए था कि पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी। उनके अनुसार, आंदोलन का उपयोग सरकार के खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाने के लिए किया गया।
साजिश और फंडिंग के आरोप
खन्ना ने कहा कि उन्हें लगा कि आंदोलन के पीछे कोई योजनाबद्ध गतिविधि हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शक्तियां छात्र असंतोष का उपयोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए करती हैं। हालांकि, उनके ये बयान और आरोप उनकी व्यक्तिगत राय हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।