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रजनीकांत ने ट्रोल्स पर दिया जवाब, सार्वजनिक बोलने में असहजता जताई

सुपरस्टार रजनीकांत ने हाल ही में अपनी नई फिल्म 'थलाइवर 173' के टाइटल लॉन्च इवेंट में ट्रोल्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक मंच पर बोलने में उन्हें असहजता महसूस होती है और कई बार उनकी बातों को गलत समझा जाता है। रजनीकांत ने यह भी कहा कि चुप रहना अब एक विकल्प नहीं रहा, क्योंकि लोग उनकी चुप्पी पर सवाल उठाते हैं। जानें, रजनीकांत ने इस बारे में और क्या कहा।
 

रजनीकांत का ट्रोल्स पर प्रतिक्रिया


रजनीकांत की प्रतिक्रिया: सुपरस्टार रजनीकांत इन दिनों अपनी नई फिल्म 'थलाइवर 173' के टाइटल लॉन्च इवेंट में चर्चा में हैं। इस अवसर पर, उन्होंने कमल हासन के साथ फिल्म की घोषणा की और अपनी भावनाओं को साझा किया। रजनीकांत ने बताया कि उन्हें सार्वजनिक भाषण देने में अब हिचकिचाहट होती है।


'धर्मन' टाइटल लॉन्च पर रजनीकांत का दर्द

उन्होंने कहा, "जब कोई मुझे बोलने के लिए आमंत्रित करता है, तो मुझे डर लगने लगता है। क्योंकि जब मैं बोलता हूं, तो वह या तो मेरे लिए समस्या बन जाती है या आपके लिए।" रजनीकांत ने यह भी कहा कि लोग उनकी बातों को गलत समझते हैं। "लोग मेरी बातों को गलत दिशा में ले जाते हैं। जब मैं अपनी राय व्यक्त करता हूं, तो कई लोग उससे असहमत होते हैं और सवालों की बौछार कर देते हैं।"


Superstar #Rajinikanth's starts off his speech with a punch on his haters..😅

"Naa pesnaale problem.. Edhadhu kelapite irupanga.. Na chumma irundha.. Ivaru enna pesave matingranga.. Vaai la enna kolukatta vechrukara.. Apdinu solli kindal panvanga.. Pesna.. Ahhh ipo pesu.. apdinu… pic.twitter.com/Au9swM4Tha

— Laxmi Kanth (@iammoviebuff007) June 24, 2026


हालांकि, अगर वह चुप रहते हैं, तो लोग पूछते हैं कि वह बोल क्यों नहीं रहे हैं। अभिनेता ने कहा कि जो लोग उन्हें पसंद नहीं करते, वे कभी भी उनकी बातों से सहमत नहीं होंगे। लेकिन यह दुखद है कि उनके चाहने वालों में से भी कुछ लोग उनकी बातों को गलत समझ लेते हैं।


'कम बोलने का कारण गलत समझना'

रजनीकांत ने कहा कि अब वह सार्वजनिक मंच पर बोलने से पहले दो बार सोचते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बातों पर हमेशा बहस होती है। हाल ही में विजय पर दिए गए बयान के बाद ट्रोल्स का सामना करने के बाद भी उन्होंने यही भावना व्यक्त की।


उन्होंने कहा कि चुप रहना अब एक विकल्प नहीं रह गया है, क्योंकि लोग फिर पूछते हैं कि वह क्यों चुप हैं। यह पहली बार नहीं है जब रजनीकांत ने अपनी इस परेशानी का जिक्र किया है। सुपरस्टार होने के बावजूद, वह हमेशा एक साधारण जीवन जीते आए हैं।