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रजनीकांत ने राजनीति में न आने के आरोपों को किया खारिज

तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने हाल ही में टीवीके के महासचिव आधव अर्जुन द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया है कि उन्हें डीएमके की धमकियों के कारण राजनीति में नहीं आने दिया गया। रजनीकांत ने अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे ऐसे आरोपों को गंभीरता से नहीं लेते। इस विवाद ने उनके प्रशंसकों के बीच नाराजगी पैदा कर दी है। जानें इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी।
 

रजनीकांत का स्पष्ट जवाब


मुंबई: तमिल सिनेमा के दिग्गज रजनीकांत ने हाल ही में तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के महासचिव आधव अर्जुन द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। अर्जुन ने कहा था कि अभिनेता ने डीएमके की धमकियों के कारण राजनीति में कदम नहीं रखा। रजनीकांत ने 17 मार्च 2026 को कहा, 'समय बोलता नहीं है, लेकिन इंतजार करता है और अपना जवाब देता है।'


टीवीके नेता के बयान पर रजनीकांत की प्रतिक्रिया

रजनीकांत ने स्पष्ट किया कि वे ऐसे आरोपों को गंभीरता से नहीं लेते। 12 मार्च को चेन्नई में टीवीके की रैली में, आधव अर्जुन ने रजनीकांत पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि डीएमके परिवार ने उन्हें धमकाया और राजनीति में आने से रोका। अर्जुन ने यह भी कहा कि रजनीकांत ने बाद में रेड जायंट प्रोडक्शन की एक फिल्म में काम किया, जो कथित तौर पर डीएमके से संबंधित है।


समर्थकों का आभार

रजनीकांत और उनके प्रशंसकों ने इस टिप्पणी को अपमानजनक माना। कई लोगों ने इसका विरोध किया और अभिनेता के समर्थन में आवाज उठाई। रजनीकांत ने मंगलवार को एक्स पर एक पोस्ट साझा कर सभी समर्थकों का धन्यवाद किया। उन्होंने लिखा, 'मैं उन सभी का दिल से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा की और मेरे पक्ष में बोले.'


Actor Rajnikanth tweets, "I wish to express my heartfelt gratitude to everyone who condemned his slanderous remarks and raised their voices in support of me: the Leader of the Opposition in the Tamil Nadu Legislative Assembly, Edappadi Palaniswami; Tamil Nadu BJP President Nainar… pic.twitter.com/pobCOOGa97




उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा के विपक्षी नेता एडप्पादी पलानीस्वामी, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन, मंत्री रघुपति, थोल. थिरुमावलवन, एस.पी. वेलुमणि, और अन्य राजनीतिक नेताओं का नाम लिया।


रजनीकांत ने कहा कि विभिन्न पार्टियों के इन नेताओं ने उनका समर्थन किया। दिसंबर 2020 में, रजनीकांत ने राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की थी, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने कोविड-19 महामारी और अपनी सेहत का हवाला देते हुए राजनीति से पीछे हटने का निर्णय लिया। अब अर्जुन के बयान ने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं, लेकिन रजनीकांत ने इसे झूठा बताया। प्रशंसक इस पूरे मामले से नाराज हैं और सोशल मीडिया पर अर्जुन की आलोचना कर रहे हैं।