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रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग का आदेश वापस, FWICE ने लिया बड़ा फैसला

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग का आदेश वापस ले लिया है। यह निर्णय 'डॉन 3' से उनके बाहर होने के बाद उत्पन्न विवाद में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। FWICE ने बातचीत के माध्यम से इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की है और रणवीर से सहयोग की अपील की है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और आगे की संभावनाएं।
 

रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग का आदेश समाप्त


मुंबई: फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ जारी असहयोग का आदेश आधिकारिक रूप से वापस ले लिया है। यह निर्णय 'डॉन 3' से रणवीर के बाहर होने के बाद उत्पन्न विवाद में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।


बातचीत के बाद लिया गया निर्णय


3 जून को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में FWICE ने बताया कि कई दौर की बातचीत के बाद यह कदम उठाया गया है। इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के हस्तक्षेप के बाद फेडरेशन ने मामले को सुलझाने की कोशिश की। FWICE का मानना है कि फिल्म उद्योग में एकता और सहयोग आवश्यक है, इसलिए इस विवाद को आपसी सहमति से समाप्त किया जाना चाहिए।


फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से हटाया जा रहा है। उनका मानना है कि उद्योग के अंदर मतभेदों का समाधान लंबे विवादों से नहीं, बल्कि संवाद और समझ से होना चाहिए। बयान में कहा गया, "FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग का रुख वापस ले लिया है।"


रणवीर से सहयोग की अपील


FWICE ने बताया कि विभिन्न प्रोड्यूसर संगठनों के साथ बातचीत अभी भी जारी है। साथ ही, रणवीर सिंह से भी अनुरोध किया गया है कि वे समाधान की प्रक्रिया में शामिल हों। फेडरेशन ने कहा, "हम रणवीर सिंह से विनम्र अनुरोध करते हैं कि वे इस मुद्दे को सुलझाने में मदद करें।"


यह निर्णय रणवीर की तरफ से FWICE को कानूनी नोटिस भेजने के एक दिन बाद आया है। नोटिस में रणवीर ने असहयोग का आदेश हटाने की मांग की थी। FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने मीडिया को बताया कि उन्हें नोटिस प्राप्त हो गया है। पंडित ने कहा, "कल ही हमें कानूनी नोटिस मिला था। हम इसका जवाब कानूनी तरीके से देंगे।"


"बैन का अधिकार नहीं, बैठकर हल निकालें"


अशोक पंडित ने आगे कहा, "हम रणवीर से अपील करते हैं कि वे आएं, हमारे साथ बैठें और कोई रास्ता निकालें। हम उनके स्टारडम की इज्जत करते हैं। किसी पर बैन लगाने का हक हमारे पास नहीं है। हमें उम्मीद है कि रणवीर की तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रिया आएगी।"


FWICE ने यह भी दोहराया कि वह कानूनी नोटिस का जवाब नियमों के अनुसार देगा। फेडरेशन ने IMPPA का धन्यवाद किया जिसने मामले को सुलझाने में मदद की। FWICE ने कहा कि फिल्म उद्योग आपसी सम्मान, सहयोग और एकता से ही आगे बढ़ता है।


यह विवाद फरहान अख्तर की फिल्म 'डॉन 3' से रणवीर सिंह के हटने के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद FWICE ने अभिनेता के खिलाफ असहयोग का आदेश जारी किया था। इस मुद्दे पर पिछले कुछ हफ्तों से उद्योग में चर्चा चल रही थी। कई प्रमुख सितारों और फिल्म से जुड़े लोगों ने अपनी राय व्यक्त की थी।