रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की अनोखी कोडवा शादी: जानें खासियतें
रश्मिका और विजय की शादी का जश्न
रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने गुरुवार को उदयपुर के ITC मोमेंटोस में पारंपरिक तेलुगु रीति-रिवाजों से विवाह बंधन में बंध गए। इस जोड़े ने गीता गोविंदम और डियर कॉमरेड जैसी चर्चित फिल्मों में काम किया है और उन्होंने सात साल तक एक-दूसरे को डेट किया। रिपोर्टों के अनुसार, विजय ने 26 फरवरी की सुबह तेलुगु रीति-रिवाजों से शादी की, जबकि रश्मिका, जो कूर्ग की कोडवा विरासत से हैं, ने शाम को पारंपरिक रीति-रिवाजों से विवाह किया। इस प्रकार, दोनों ने एक ही दिन में दो अलग-अलग रीति-रिवाजों से शादी की।
कोडवा शादी की विशेषताएँ
कोडवा शादी क्या है?
कर्नाटक के कूर्ग (कोडागु) क्षेत्र में एक विशेष समुदाय है, जिनकी शादियाँ कोडवा रीति-रिवाजों से होती हैं। यह समुदाय अपनी सदियों पुरानी परंपराओं का पालन करता है, जो इसे अन्य शादियों से अलग बनाता है। कोडवा शादियों में पुरखों का सम्मान और योद्धा परंपराओं का प्रदर्शन होता है। सूत्रों के अनुसार, कोडवा समुदाय एक योद्धा समुदाय था, इसलिए उनकी शादी की रस्मों में वीरता की भावना झलकती है। शादी की शुरुआत एक "मुहूर्त" से होती है जिसमें पुरखों को याद किया जाता है.
कोडवा शादी और हिंदू शादी में अंतर
कोडवा शादी और हिंदू शादी में सबसे बड़ा अंतर यह है कि कोडवा शादी में अग्नि का महत्व कम होता है। इस शादी में आग के चारों ओर फेरे नहीं लिए जाते, बल्कि पुरखों को याद करने के लिए फेरे लिए जाते हैं। हिंदू शादियों में पुजारी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, जबकि कोडवा शादियों में पुजारी की आवश्यकता नहीं होती। परिवार के बड़े सदस्य शादी और अन्य रस्में निभाते हैं।
कोडवा शादी में दूल्हा पारंपरिक काले कोट जैसा कपड़ा पहनता है जिसे "कुप्या" कहा जाता है। वह अपनी कमर में एक छोटी तलवार (पिछे कट्ठी) पहनता है, जो ताकत और सुरक्षा का प्रतीक मानी जाती है। दुल्हन अपनी साड़ी का पल्लू पीछे से लाकर कंधे पर रखती है, जिसे "कोडागु स्टाइल" कहा जाता है। शादी के बाद, दुल्हन को पास के कुएं या नदी से पानी लाना होता है, और इस दौरान दूल्हे का परिवार नाच-गाकर उसे रोकता है.
दुल्हन के कपड़े और शादी का माहौल
दुल्हन के कपड़े
रिपोर्टों के अनुसार, कोडवा शादी में दुल्हन सुनहरे बॉर्डर वाली लाल या सफेद सिल्क की साड़ी पहनती है। साड़ी को पीछे से प्लीट्स से लपेटा जाता है, जो उनके समुदाय की विशेषता है। इस शादी में शराब और नॉन-वेज खाना परोसा जाता है, जो इसे अन्य हिंदू शादियों से अलग बनाता है।