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राकेश रोशन: संघर्ष से सफलता की कहानी

राकेश रोशन, जो 6 सितंबर को 77 वर्ष के हो गए, ने अपने जीवन में कई संघर्षों का सामना किया। एक अभिनेता के रूप में शुरुआत करने के बाद, उन्होंने निर्देशन में कदम रखा और कई सफल फिल्में बनाई। उनका जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, जिसमें आर्थिक तंगी, परिवार की जिम्मेदारियां और अंडरवर्ल्ड का खतरा शामिल है। जानें उनके संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक कहानी।
 

राकेश रोशन का जन्म और प्रारंभिक जीवन


बॉलीवुड में कई फिल्म निर्माता ऐसे हैं जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत अभिनय से की और बाद में निर्देशन में कदम रखा। राकेश रोशन भी इनमें से एक हैं। उन्होंने एक अभिनेता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन बाद में निर्देशन में अपनी पहचान बनाई और कई सफल फिल्में बनाई।


जन्मदिन पर राकेश रोशन की कहानी

राकेश रोशन 6 सितंबर को 77 वर्ष के हो गए हैं। उनकी जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने अपने पिता को कम उम्र में खो दिया और आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया। कभी-कभी उनकी मासिक आय केवल 200 रुपये होती थी, और उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए काफी संघर्ष किया।


गैराज में जन्मे राकेश रोशन

राकेश रोशन का जन्म 6 सितंबर 1949 को मुंबई में हुआ। उनका परिवार पहले से ही फिल्म और संगीत के क्षेत्र में सक्रिय था। उनकी मां इरा मोइत्रा एक प्रसिद्ध बंगाली गायिका थीं, जबकि उनके पिता रोशनलाल नागरथ एक जाने-माने संगीतकार थे।


एक इंटरव्यू में राकेश ने बताया कि उनके पिता दिल्ली से मुंबई आए थे और शुरुआती दिनों में हुस्नलाल भगतराम के गैराज में रहते थे। यहीं पर राकेश रोशन का जन्म हुआ।


कम उम्र में काम की शुरुआत

राकेश रोशन के जीवन में कठिनाई तब आई जब उनके पिता का निधन हो गया। उस समय उनकी उम्र लगभग 16-17 वर्ष थी। परिवार की जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्हें जल्दी काम शुरू करना पड़ा। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में सहायक निर्देशक के रूप में भी काम किया, जिससे उन्हें फिल्म निर्माण की बारीकियों को समझने का मौका मिला।


आर्थिक संघर्ष

राकेश रोशन ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि एक समय उनकी मासिक आय केवल 200 रुपये थी। आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि उन्हें कई बार दोस्तों से पैसे उधार लेने पड़ते थे। उन्होंने अपनी पत्नी पिंकी रोशन से जुड़े एक किस्से का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने बताया कि जब उनके लिए पिंकी का रिश्ता आया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी आय केवल 200 रुपये है।


एक्टिंग में असफलता और निर्देशन में सफलता

राकेश रोशन ने कई फिल्मों में अभिनय किया, लेकिन उन्हें लीड हीरो के रूप में अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्हें सहायक भूमिकाएं मिलने लगीं। उनकी कुछ प्रमुख फिल्मों में आंख मिचौली, खूबसूरत, खेल खेल में, बुलेट, नीयत और कामचोर शामिल हैं। हालांकि, असली पहचान उन्हें निर्देशन के क्षेत्र में मिली।


1980 के दशक में राकेश ने प्रोडक्शन और फिर निर्देशन की ओर कदम बढ़ाया। उनकी पहली निर्देशित फिल्म 'खुदगर्ज' थी, जो 1987 में रिलीज हुई। इस फिल्म को बनाने के लिए उन्होंने अपना घर और कार गिरवी रखी। उनकी मेहनत सफल रही और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने लगातार फिल्मों का निर्देशन किया।