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राज कुंद्रा और राजेश सतीजा को PMLA कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में समन जारी किया

मुंबई की विशेष PMLA अदालत ने राज कुंद्रा और राजेश सतीजा को ₹6,606 करोड़ के बिटकॉइन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में समन जारी किया है। अदालत ने कहा कि मामले में पर्याप्त सबूत हैं जो इनकी संलिप्तता को दर्शाते हैं। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह आरोप लगाया गया है कि कुंद्रा को 285 बिटकॉइन प्राप्त हुए थे, जिनकी कुल कीमत ₹150.47 करोड़ है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अदालत के आदेश के बारे में।
 

बिटकॉइन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नया मोड़


मुंबई की विशेष PMLA अदालत ने ₹6,606 करोड़ के बिटकॉइन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। अदालत ने बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और व्यवसायी राज कुंद्रा के साथ-साथ दिल्ली के कारोबारी राजेश सतीजा को समन जारी किया है। अदालत का कहना है कि मामले के रिकॉर्ड और अभियोजन शिकायत से यह स्पष्ट होता है कि इनकी मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्तता है।


अदालत का आदेश

विशेष PMLA अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपी नंबर 17 और 18 के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। अदालत ने बताया कि PMLA की धारा 3 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध बनता है, जो धारा 4 के तहत दंडनीय है। अदालत ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर शिकायत में प्रथम दृष्टया मामला स्थापित हुआ है।


प्रवर्तन निदेशालय की जांच

इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है। ईडी ने पिछले वर्ष दिल्ली की कंपनी वेरिएबलटेक प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े बिटकॉइन घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान राज कुंद्रा और राजेश सतीजा के खिलाफ सप्लीमेंट्री अभियोजन शिकायत दायर की थी। इसी शिकायत पर अदालत ने संज्ञान लिया है।


285 बिटकॉइन मिलने का आरोप

ईडी ने आरोप लगाया है कि राज कुंद्रा को अपराध की आय बिटकॉइन के रूप में प्राप्त हुई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, उन्हें कुल 285 बिटकॉइन मिले, जिनकी कीमत लगभग ₹150.47 करोड़ आंकी गई है। यह मूल्यांकन 16 अप्रैल 2024 को प्रति बिटकॉइन ₹52,79,755 की दर से किया गया था। ईडी का दावा है कि कुंद्रा इन बिटकॉइन के लाभार्थी हैं और उन्होंने इनका उपयोग भी किया।


जानबूझकर जानकारी छिपाने का आरोप

ईडी ने यह भी कहा है कि राज कुंद्रा ने जानबूझकर अपने बिटकॉइन वॉलेट का पता बताने से इनकार किया। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने आरोपी अमित भारद्वाज से मिली अपराध की आय को सरेंडर नहीं किया। अदालत ने अपने आदेश में इस आरोप का भी उल्लेख किया है और इसे जांच के लिए महत्वपूर्ण माना है।