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राजपाल यादव का चेक बाउंस विवाद: क्या है सच्चाई और उनका परिवार के प्रति आभार?

राजपाल यादव हाल ही में चेक बाउंस विवाद के कारण चर्चा में हैं। उन्होंने अदालत के फैसले को स्वीकार करने की बात कही और अपने कठिन समय में साथ देने वालों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस लेख में जानें उनके परिवार के साथ बिताए पलों, पत्नी राधा के प्रति उनकी भावनाएं और विवाद की पूरी कहानी। क्या यह मामला उनके करियर पर असर डालेगा? जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
 

मुंबई में राजपाल यादव का बयान


मुंबई: बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता राजपाल यादव हाल ही में चेक बाउंस विवाद के कारण सुर्खियों में हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अदालत के निर्णय को स्वीकार करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले पर वह ज्यादा चर्चा नहीं करना चाहते, लेकिन कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने वालों के प्रति आभार व्यक्त किया।


परिवार के साथ बिताए पल

राजपाल यादव को 12 दिन तिहाड़ जेल में बिताने के बाद 19 फरवरी को अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए जमानत मिली थी। शादी समारोह में भाग लेने के लिए वह अपने गांव शाहजहांपुर गए थे, जहां उन्होंने अपने परिवार के साथ काफी समय बिताया। इस दौरान के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं।


पत्नी राधा के प्रति भावनाएं

पत्नी राधा को लेकर कही बड़ी बात


राजपाल यादव ने अपनी पत्नी राधा के बारे में कहा कि वह कई जन्मों में भी उनका कर्ज नहीं चुका सकते। राधा पूरे परिवार को एक साथ रखती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी गांव की जमीन उनकी रोजी-रोटी का इंतजाम कर देगी। वहीं, कर्ज विवाद पर उन्होंने कोई खास टिप्पणी नहीं की।


चेक बाउंस विवाद का विवरण

क्या है पूरा मामला?


यह विवाद 2012 में आई फिल्म 'अता पता लापता' से संबंधित है। राजपाल यादव ने इस फिल्म के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये लिए थे। उनका कहना है कि यह राशि कर्ज नहीं, बल्कि निवेश के रूप में थी। यदि फिल्म सफल होती, तो कंपनी को लाभ में हिस्सा मिलता। दूसरी ओर, कंपनी का दावा है कि यह राशि कर्ज के रूप में दी गई थी, जिसे समय पर लौटाना आवश्यक था।


फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं पा सकी, जिससे राजपाल यादव को आर्थिक नुकसान हुआ। इस कारण वह समय पर पैसे वापस नहीं कर सके। कंपनी के अनुसार, मूल 5 करोड़ रुपये की राशि ब्याज और अन्य शुल्क के साथ बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई। मामला अदालत तक पहुंचा और कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई।


कानूनी संघर्ष और जेल की कहानी

जेल तक पहुंचा मामला


जब भुगतान नहीं हो सका, तो कोर्ट के आदेश पर राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा। यह उनके करियर के सबसे कठिन समय में से एक माना गया। हालांकि, बाद में उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत राहत मिली, लेकिन यह विवाद लंबे समय तक चर्चा में रहा। हाल ही में, राजपाल यादव ने कहा कि वे न्यायपालिका के निर्णय का सम्मान करेंगे और उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने मुश्किल समय में उनका साथ दिया।