राजपाल यादव की भतीजी की शादी में भावुक पल: जेल से रिहाई के बाद का खास अनुभव
राजपाल यादव का परिवार के प्रति प्यार
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव हाल ही में जेल से रिहा होने के बाद एक नई चर्चा का विषय बन गए हैं। इस बार उनकी चर्चा का कारण कोई विवाद नहीं, बल्कि एक भावुक पारिवारिक क्षण है। उन्होंने शाहजहांपुर में अपनी भतीजी की शादी में भाग लेकर यह साबित किया कि उनके लिए परिवार हमेशा प्राथमिकता है। शादी के समारोह में उनका एक अलग ही अंदाज देखने को मिला।
शादी में राजपाल का उत्साह
राजपाल यादव इस पारिवारिक समारोह में बेहद खुश नजर आए। कभी वे डांस करते हुए दिखे, तो कभी रसोई में जाकर मेहमानों के लिए रोटियां बनाते हुए। शादी के माहौल में उन्होंने किसी भी प्रकार की परेशानी को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उनकी सादगी और अपनापन देखकर सभी मेहमान हैरान रह गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ नजर आता है कि वे शादी की तैयारियों में पूरी तरह से शामिल थे।
भावुक विदाई का पल
विदाई के समय छलके आंसू
हालांकि शादी की खुशियों के बीच एक ऐसा क्षण भी आया जब राजपाल यादव अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए। भतीजी की विदाई के समय उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने अपनी भतीजी को गले लगाकर रो पड़े, जिससे वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। भतीजी ने भी अपने चाचा को गले लगाकर विदा लिया। इसके बाद राजपाल ने खुद को संभाला और आशीर्वाद देकर उसे ससुराल के लिए रवाना किया। इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
फैन्स का प्यार
फैन्स का मिला प्यार
इस वीडियो के सामने आने के बाद फैन्स ने भी अपनी भावनाएं साझा कीं। लोगों ने कहा कि राजपाल यादव एक सच्चे परिवार के व्यक्ति हैं, जो रिश्तों की अहमियत को समझते हैं। शादी में उनके द्वारा हर छोटे-बड़े काम में मदद करने की बात ने लोगों का दिल जीत लिया। कई प्रशंसकों ने लिखा कि पर्दे पर हंसाने वाला यह कलाकार असल जिंदगी में भी उतना ही सरल और संवेदनशील है।
कानूनी परेशानियों का सामना
विवादों से घिरी निजी जिंदगी
जहां एक ओर यह भावुक दृश्य चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं उनकी कानूनी परेशानियां भी सुर्खियों में हैं। 2012 में उनकी फिल्म 'अता पता लापता' रिलीज हुई थी, जिसके निर्माण के लिए उन्होंने एक कंपनी से लगभग पांच करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म की असफलता के कारण कर्ज की राशि समय पर चुकाई नहीं जा सकी।
समय के साथ यह राशि बढ़कर लगभग नौ करोड़ रुपये हो गई। कंपनी ने अदालत का सहारा लिया, जिसके बाद राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा। लगभग 12 दिन जेल में बिताने के बाद उन्हें जमानत मिली। इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को निर्धारित है।