राजपाल यादव के खिलाफ बैंक ने कुर्की का नोटिस जारी किया
बैंक की कार्रवाई से राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ीं
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी और वित्तीय समस्याओं में उलझ गए हैं। उनके पैतृक निवास पर, जो शाहजहांपुर में स्थित है, बैंक ने कुर्की का नोटिस चस्पा किया है। इससे पहले भी वह चेक बाउंस के मामले में जेल की हवा खा चुके हैं। अब बैंक ने लोन वसूली के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है.
कुर्की का नोटिस और बैंक की कार्रवाई
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने राजपाल यादव के कुंद्रा गांव स्थित घर पर कुर्की का नोटिस लगाया है। बैंक के अनुसार, अभिनेता ने अपनी पत्नी राधा यादव और मां गोदावरी के नाम पर मुंबई शाखा से 16.61 करोड़ रुपये का लोन लिया था, जिसका भुगतान समय पर नहीं किया गया। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि 34 दिनों के भीतर बकाया राशि जमा नहीं की गई, तो 9 सितंबर को संपत्ति की नीलामी की जाएगी। हालांकि, नोटिस लगने के कुछ समय बाद परिवार के सदस्यों ने इसे हटा दिया।
बैंक के साथ बातचीत जारी: श्रीपाल यादव
राजपाल यादव के बड़े भाई श्रीपाल यादव ने इस मामले को पुराना बताते हुए कहा कि बैंक के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने बताया कि लोन चुकाने के लिए दोनों पक्षों के बीच समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है और जल्द ही मामला सुलझ जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में घर की नीलामी की स्थिति नहीं है। बैंक अधिकारियों ने बताया कि लगभग दो साल पहले भी इसी संपत्ति पर नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उस समय एक सहमति बनी थी, जो बाद में लंबित हो गई।
चेक बाउंस मामले ने बढ़ाई समस्याएं
राजपाल यादव पहले से ही चेक बाउंस के मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने 7 जुलाई को उन्हें सात मामलों में तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी। हर मामले में शिकायतकर्ता को 1.05 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया गया था। यह विवाद उनकी फिल्म 'अता पता लापता' से जुड़ा है, जिसके निर्माण के लिए उन्होंने 2010 में लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म की असफलता के कारण कर्ज चुकाने में देरी हुई, जिसके चलते चेक बाउंस के मामले दर्ज हुए। फिलहाल, वह अंतरिम जमानत पर हैं, लेकिन अब बैंक की कार्रवाई ने उनकी समस्याओं को और बढ़ा दिया है।