रानी मुखर्जी का सिनेमा सफर: 30 साल की यात्रा और 'मर्दानी 3' की तैयारी
रानी मुखर्जी का तीन दशक का सफर
भारतीय फिल्म उद्योग की प्रमुख अभिनेत्रियों में से एक, रानी मुखर्जी ने अपने करियर के तीन दशकों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने 'राजा की आएगी बारात' से अपने करियर की शुरुआत की और अब वह अपनी शर्तों पर फिल्में चुनने की स्थिति में हैं। हाल ही में, एक साक्षात्कार में, रानी ने अपनी यात्रा, सिनेमा के प्रति अपने जुनून और उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'मर्दानी 3' पर खुलकर चर्चा की।
यात्रा का जश्न
एक्ट्रेस ने यश राज फिल्म्स के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक व्यक्तिगत नोट साझा कर इस मील के पत्थर का जश्न मनाया। उन्होंने अपने करियर के बारे में बात करते हुए कहा कि यह उनकी सहज प्रवृत्ति से प्रेरित है, न कि केवल महत्वाकांक्षा से। मुखर्जी ने अपनी यात्रा को कहानी कहने के प्रति प्रेम, भावनात्मक ईमानदारी और एक ऐसी दृढ़ता के रूप में वर्णित किया जिसने उनके निर्णयों को आकार दिया है।
सिनेमा और साहस का संगम
रानी ने 'ब्लैक', 'हिचकी' और 'मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे' जैसी फिल्मों में चुनौतीपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। उन्होंने कहा कि एक अभिनेत्री के रूप में उनका साहस तब प्रकट होता है जब वे व्यावसायिक सफलता के बजाय सार्थक सिनेमा का चयन करती हैं। 30 वर्षों के इस पड़ाव पर भी, वह उतनी ही ऊर्जावान हैं और मानती हैं कि सिनेमा को सामाजिक बदलाव का माध्यम होना चाहिए।
प्रारंभिक करियर और बदलाव
मुखर्जी ने 1997 में 'राजा की आएगी बारात' से अपने करियर की शुरुआत की, जो उन्हें सिनेमा को जिम्मेदारी के रूप में समझने में मददगार साबित हुई। उन्होंने बताया कि 1990 के दशक का अंत उनके लिए न केवल पेशेवर बल्कि भावनात्मक रूप से भी परिवर्तनकारी था।
महत्वपूर्ण फिल्में और अनुभव
2000 के दशक की शुरुआत में, 'साथिया' (2002) ने उन्हें पहचान दिलाई। उन्होंने कई फिल्मों में जटिल और भावनात्मक किरदार निभाए। 'ब्लैक' (2005) उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण अनुभवों में से एक था, जिसने उन्हें एक अभिनेता के रूप में गहराई से सोचने का अवसर दिया।
नए अध्याय की शुरुआत
हाल ही में, 'मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे' (2023) ने उनके विश्वास को फिर से मजबूत किया कि भावनात्मक सच्चाई भाषा और सीमाओं से परे होती है। इस फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, जिसे उन्होंने एक महत्वपूर्ण क्षण बताया।
आगे की राह
रानी मुखर्जी ने अपने तीन दशक लंबे करियर को समेटते हुए कहा कि लंबा करियर प्रासंगिकता के बारे में नहीं, बल्कि ईमानदारी के बारे में है। उन्होंने कहा कि वह बॉक्स ऑफिस नंबरों या पुरस्कारों के बजाय, उन पलों को महत्व देती हैं जो दर्शकों के दिलों को छूते हैं।
मर्दानी 3 का इंतजार
आगे देखते हुए, रानी ने बताया कि 'मर्दानी 3' (2026) के साथ सिनेमा में अपने 30 साल पूरे करना उनके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे एक संकेत के रूप में देखा और कहा कि यह फिल्म आज की महिलाओं की भावना और भारतीय पुलिस बल की महिला अधिकारियों की मजबूती को सलाम करने का अवसर देती है।
आभार और भविष्य की योजनाएँ
अपने नोट को आभार के साथ समाप्त करते हुए, रानी मुखर्जी ने अपने सहयोगियों और दर्शकों को उनकी यात्रा में साथ देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जब तक कहानियाँ बताने के लिए हैं, वह इस खूबसूरत कला की छात्रा बनी रहेंगी।
फिल्म की रिलीज
मर्दानी 3, अभिराज मीनावाला द्वारा निर्देशित और उनके पति आदित्य चोपड़ा द्वारा निर्मित, 30 जनवरी को रिलीज होने के लिए तैयार है।