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रोहित चंदेल की बेल याचिका फिर से खारिज, पुलिस रिकॉर्ड में मिलीं गड़बड़ियां

टीवी सीरियल सैराब के अभिनेता रोहित चंदेल की बेल याचिका एक बार फिर खारिज कर दी गई है। वह 9 जुलाई से जेल में हैं और उन पर नाबालिग के साथ दुर्व्यवहार का आरोप है। पुलिस और मेडिकल रिकॉर्ड में कई गड़बड़ियां पाई गई हैं, जिनके चलते कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को अस्वीकार कर दिया। जानें इस मामले में क्या कुछ नया सामने आया है और वकील की क्या प्रतिक्रिया है।
 

रोहित चंदेल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं

टीवी शो सैराब के अभिनेता रोहित चंदेल की समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। वह 9 जुलाई से जेल में हैं, जहां उन पर एक नाबालिग लड़की के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगा है। रिपोर्टों के अनुसार, रोहित ने आरोपों को स्वीकार किया है, जिसके चलते उनके खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है.


बेल याचिका का नया अपडेट

हाल ही में इस मामले में एक नया मोड़ आया है। दो महीने से जेल में बंद रोहित चंदेल की बेल याचिका को एक बार फिर खारिज कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस और मेडिकल रिकॉर्ड में कई त्रुटियां पाई गई हैं.


बेल खारिज होने के कारण

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस और मेडिकल रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी में कई गड़बड़ियां पाई गई हैं। रोहित को सैराब के सेट से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन पुलिस डायरी में उन्हें बिजनेसमैन के रूप में दर्शाया गया है.


धर्म और वैवाहिक स्थिति में विसंगतियां

चार्जशीट में रोहित का धर्म मुस्लिम बताया गया है, जबकि गिरफ्तारी फॉर्म में उन्हें हिंदू राजपूत के रूप में दर्शाया गया था। इन भिन्न जानकारियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं.


मेडिकल रिपोर्ट में भी गड़बड़ियां

रोहित चंदेल की मेडिकल जांच से जुड़ी रिपोर्ट में भी गलतियां सामने आई हैं। गिरफ्तारी के बाद उनका मेडिकल एग्जामिनेशन किया गया था, जिसमें उन्हें शादीशुदा बताया गया, जबकि उनकी शादी नहीं हुई है. इस तरह की भिन्न जानकारियों के कारण कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी.


वकील की प्रतिक्रिया

रोहित चंदेल की वकील स्वीना बेदी सच्चर ने पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज गलत जानकारी को गंभीर बताया है। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति की वैवाहिक स्थिति जैसी जानकारी केवल सामान्य नहीं होती, बल्कि इसे पुलिस डायरी में दर्ज किया जाता है और कानूनी कार्रवाई में इसका उपयोग होता है.


वकील का बयान

वकील ने कहा कि रिकॉर्ड में गलत जानकारी का असर उनके मुवक्किल की जमानत याचिका पर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले का अभिनेता के करियर और छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. वकील का मानना है कि जांच एजेंसी की गलती का असर उस व्यक्ति पर नहीं होना चाहिए, जो वर्तमान में मामले का सामना कर रहा है.