रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग: मुंबई पुलिस ने साजिश का किया खुलासा
फायरिंग की घटना का विवरण
मुंबई के जुहू क्षेत्र में फिल्म निर्माता और निर्देशक रोहित शेट्टी के निवास पर हुई फायरिंग की घटना की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल और क्राइम ब्रांच की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह हमला पुणे से मुंबई तक फैले एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा था। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें स्वप्निल बंदू सकट (23), समर्थ शिवशरण पोमाजी (19), सिद्धार्थ दीपक येनपुरे (19), आदित्य ज्ञानेश्वर गायकी (19), और हथियार सप्लायर आसाराम श्रीरंग फसले उर्फ बाबू (42) शामिल हैं। सभी आरोपी पुणे के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी हैं.
घटना का समय और स्थान
31 जनवरी की रात को जुहू में रोहित शेट्टी के शेट्टी टॉवर स्थित घर पर एक अनजान व्यक्ति ने रात करीब 12:45 बजे गोलियां चलाईं। उस समय रोहित शेट्टी अपने घर पर मौजूद थे। गोलियों की आवाज सुनकर उनके निजी सुरक्षा गार्ड और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी सतर्क हो गए। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को काली जैकेट और सफेद पैंट पहने हुए देखा गया, जिसने पिस्तौल से पांच राउंड फायरिंग की और फिर स्कूटर पर भाग गया। घटना के बाद जुहू पुलिस ने मामला दर्ज किया, जिसे बाद में एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को सौंप दिया गया।
जांच में मिले सबूत
जांच में यह पता चला कि अपराध में इस्तेमाल किया गया होंडा डियो स्कूटर पुणे से लाया गया था। पुलिस ने विले पार्ले क्षेत्र से लावारिस हालत में स्कूटर बरामद किया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से पांच खाली कारतूस और कांच के टुकड़े जब्त किए। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से एक पिस्तौल, तीन मैगजीन, एक एयरगन और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने अपराध से पहले बातचीत के लिए सिग्नल ऐप का उपयोग किया और बाद में सबूत मिटाने के लिए चैट डिलीट कर दीं।
मास्टरमाइंड की पहचान
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस हमले के पीछे फरार आरोपी शुभम रामेश्वर लोंकर का हाथ था। वह शूटर के लिए स्कूटर, हथियार और पैसे का इंतजाम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, शुभम लोंकर और फायरिंग करने वाला शूटर अभी भी फरार हैं, और उनकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। जांच में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी स्वप्निल सकट के घर से बरामद हथियार आरोपी आसाराम फासले ने शुभम लोंकर के कहने पर सप्लाई किए थे।
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट
फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुआ जिसमें हमले की जिम्मेदारी ली गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने कोर्ट से आरोपियों की कस्टडी मांगी है। पुलिस ने अनुरोध किया है कि गिरफ्तार आरोपियों की कस्टडी रिमांड को बढ़ाया जाए ताकि जांच में मदद मिल सके।
जांच के लिए आवश्यक बिंदु
पुलिस ने कई बिंदुओं पर जांच की आवश्यकता बताई है, जैसे कि आरोपियों के बीच संपर्क के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण, वांछित आरोपियों की तलाश, और सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट से जुड़े अपराधियों की पहचान।