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विक्रांत मैसी: एक बहुआयामी अभिनेता की कहानी

विक्रांत मैसी, जो 1987 में मुंबई में जन्मे, ने अपने करियर की शुरुआत टीवी से की और बाद में बॉलीवुड में कदम रखा। उनकी पहचान OTT प्लेटफॉर्म पर बनी, खासकर 'मिर्जापुर' में उनके किरदार से। उनका परिवार विभिन्न धर्मों का संगम है, जो भारत की विविधता का प्रतीक है। जानें उनके जीवन और करियर के बारे में और कैसे उन्होंने अभिनय की दुनिया में अपनी जगह बनाई।
 

विक्रांत मैसी का प्रारंभिक जीवन


मुंबई: विक्रांत मैसी का जन्म 3 अप्रैल 1987 को मुंबई में हुआ। वह एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जहां आर्थिक स्थिति सीमित थी, लेकिन सपनों की कोई कमी नहीं थी। बचपन से ही उन्हें डांस और अभिनय का शौक था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट एंथनी हाई स्कूल से प्राप्त की और फिर आर डी नेशनल कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। कॉलेज के दिनों में ही उन्हें यह एहसास हो गया था कि उनका असली जुनून परफॉर्मिंग आर्ट्स में है। डांस की पेशेवर ट्रेनिंग ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया, जो उन्हें धीरे-धीरे अभिनय की दुनिया में ले गया।


टीवी से फिल्म इंडस्ट्री तक का सफर

विक्रांत ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में टीवी शो 'धूम मचाओ धूम' से की। इसके बाद उन्होंने 'धरम वीर' और 'बालिका वधू' जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में काम किया और अपनी पहचान बनाई। टीवी पर सफलता के बाद, उन्होंने फिल्मों की ओर कदम बढ़ाया। 2013 में 'लुटेरा' फिल्म से उन्होंने बॉलीवुड में प्रवेश किया। इसके बाद 'दिल धड़कने दो' और 'ए डेथ इन द गंज' जैसी फिल्मों में भी नजर आए। हालांकि उनके रोल छोटे थे, लेकिन उनकी अदाकारी ने दर्शकों और समीक्षकों का ध्यान आकर्षित किया।


OTT प्लेटफॉर्म पर सफलता

विक्रांत को असली पहचान OTT प्लेटफॉर्म से मिली, खासकर 'मिर्जापुर' में बबलू पंडित के किरदार ने उनके करियर में महत्वपूर्ण मोड़ लाया। इसके बाद 'क्रिमिनल जस्टिस' और 'ब्रोकन बट ब्यूटीफुल' जैसी वेब सीरीज में उन्होंने बेहतरीन अभिनय किया। OTT ने उन्हें विभिन्न प्रकार के किरदार निभाने का अवसर दिया, जिससे उनकी अदाकारी और निखर कर सामने आई। आज उन्हें इंडस्ट्री के सबसे स्वाभाविक और विश्वसनीय अभिनेताओं में गिना जाता है।


धर्मों का संगम

विक्रांत का परिवार भारत की विविधता का एक जीवंत उदाहरण है। उनके पिता ईसाई हैं और चर्च जाते हैं, जबकि उनकी मां सिख धर्म से जुड़ी हैं। उनके बड़े भाई ने इस्लाम धर्म अपनाया है, और उनकी पत्नी शीतल ठाकुर हिंदू हैं। इस प्रकार उनके घर में विभिन्न धर्मों का सुंदर संगम देखने को मिलता है। उनके परिवार में हर त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है, जिससे विक्रांत को बचपन से ही मानवता और एकता का महत्व समझ में आया।