विजय आनंद और सुषमा की शादी: ओशो की सलाह से बनी एक अनोखी प्रेम कहानी
मुंबई में विजय आनंद का अनोखा विवाह
मुंबई: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध निर्देशक विजय आनंद ने अपनी बेहतरीन फिल्मों के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत जीवन को लेकर भी काफी चर्चा बटोरी। 'गाइड', 'ज्वेल थीफ' और 'तीसरी मंजिल' जैसी कालजयी कृतियों के निर्माता विजय आनंद ने 1978 में अपनी भतीजी सुषमा से विवाह किया। इस रिश्ते ने उस समय फिल्म जगत और परिवार में काफी विवाद उत्पन्न किया। फिर भी, दोनों ने सभी विरोधों के बावजूद अपने संबंध को मजबूत बनाए रखा।
देव आनंद के छोटे भाई थे विजय आनंद
यह जानना दिलचस्प है कि विजय आनंद, अभिनेता देव आनंद के छोटे भाई थे। उनकी पत्नी सुषमा उनसे लगभग 19 वर्ष छोटी थीं और परिवार के बड़े भाई की बेटी थीं। एक पुराने साक्षात्कार में, सुषमा ने बताया कि दोनों एक-दूसरे के प्रति गहरी रुचि रखते थे और विवाह करना चाहते थे। सुषमा ने कहा कि विजय की सादगी उन्हें भाती थी, जबकि विजय के शांत और समझदार स्वभाव ने उन्हें आकर्षित किया।
सुषमा ने यह भी साझा किया कि उनके रिश्ते में प्यार के साथ-साथ दोस्ती और मस्ती भी थी। उन्होंने कहा कि विजय आनंद के कई प्रशंसक थे, लेकिन उन्हें कभी भी असुरक्षा का अनुभव नहीं हुआ। वह इस स्थिति को हल्के-फुल्के अंदाज में लेती थीं और मजाक में विजय को चिढ़ाती भी थीं।
ओशो की सलाह पर विवाह का निर्णय
सूत्रों के अनुसार, 1970 के दशक में विजय आनंद ओशो रजनीश के अनुयायी बन गए थे। कहा जाता है कि इसी दौरान ओशो ने उन्हें सुषमा से विवाह करने की सलाह दी थी। परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था, लेकिन विजय ने सभी विरोधों के बावजूद शादी कर ली। हालांकि, समय के साथ विजय और ओशो के बीच मतभेद भी उभरने लगे। विजय के बेटे वैभव आनंद ने एक साक्षात्कार में बताया कि बाद में उनके पिता को लगा कि ओशो पहले जैसे आध्यात्मिक नहीं रहे, जिसके बाद उन्होंने आश्रम छोड़ दिया।
देव आनंद को इस रिश्ते से थी नाराजगी
देव आनंद के पूर्व सचिव अशोक सिन्हा ने एक साक्षात्कार में कहा कि देव आनंद इस विवाह से खुश नहीं थे। हालांकि दोनों भाइयों के बीच बातचीत पूरी तरह से बंद नहीं हुई, लेकिन इस निर्णय से देव आनंद काफी नाराज थे। दरअसल, विजय आनंद की पहली शादी पत्रकार और अभिनेत्री लवलीन थडानी से हुई थी, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। इसके बाद उन्होंने सुषमा से विवाह किया। इस दंपति के बेटे वैभव आनंद का जन्म 1980 में हुआ। विजय आनंद का निधन 2004 में हुआ, जबकि सुषमा ने 2023 में अंतिम सांस ली। उनके रिश्ते की कहानी आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित और विवादित अध्यायों में से एक मानी जाती है।