विद्या बालन की संघर्ष भरी यात्रा: 12 फिल्मों से बाहर होकर रजनीकांत के साथ वापसी
विद्या बालन का करियर और संघर्ष
नई दिल्ली. विद्या बालन, जो अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए जानी जाती हैं, ने कभी भी बॉडी शेमिंग की परवाह नहीं की। उन्होंने हमेशा अपने अभिनय पर ध्यान केंद्रित किया, जिसके चलते उनके करियर की शुरुआत में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें फिल्मों के लिए अपशकुन मान लिया गया था, जिससे कई प्रोजेक्ट्स से उन्हें बाहर कर दिया गया।
इन शुरुआती कठिनाइयों ने विद्या को इतना प्रभावित किया कि उन्होंने हिंदी सिनेमा से दूरी बना ली और अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी काम करना बंद कर दिया। हालांकि, 'परिणीता', 'कहानी' और 'भूल भुलैया' जैसी फिल्मों ने उन्हें एक नई पहचान दिलाई। अब, विद्या बालन ने साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत के साथ 'जेलर 2' में काम करके तमिल सिनेमा में एक नई शुरुआत की है।
फिल्मों से बाहर होने का अनुभव
फिल्मों से कर दिया गया बाहर
हाल ही में एक इंटरव्यू में विद्या ने बताया कि मलयालम और तमिल फिल्मों में करियर बनाने के दौरान उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उनकी मलयालम फिल्म 'चक्रम' में मोहनलाल मुख्य भूमिका में थे, लेकिन किसी कारणवश यह फिल्म बीच में ही रुक गई। इसके बाद, विद्या के बारे में कई अंधविश्वासी बातें फैलने लगीं, जिससे उन्हें मनहूस मान लिया गया।
विद्या ने कहा कि उन्हें एक दर्जन से अधिक फिल्मों से बाहर कर दिया गया। तमिल फिल्मों में भी उन्हें इसका नुकसान उठाना पड़ा। कई बार तो शूटिंग शुरू होने से पहले ही उनकी जगह किसी अन्य अभिनेत्री को ले लिया जाता था। इन घटनाओं ने विद्या को काफी निराश किया और उन्होंने कुछ समय तक हिंदी फिल्मों के अलावा अन्य भाषाओं में काम करने से दूरी बना ली।
परिणीता से पहचान और जेलर 2 में नया अंदाज
‘परिणीता’ से मिली पहचान, ‘जेलर 2’ में नया अंदाज
2005 में आई फिल्म 'परिणीता' ने विद्या बालन को हिंदी सिनेमा में एक अलग पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने कई सफल फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। 'जेलर 2' में विद्या ने 'कांथा' नामक किरदार निभाया है, जिसमें उनका सामना रजनीकांत के मशहूर किरदार मुथुवेल पांडियन से हुआ। इस फिल्म का हिस्सा बनना विद्या के लिए कई मायनों में खास है।