विवेक अग्निहोत्री की टिप्पणियों पर विहिप का कड़ा विरोध
विहिप की प्रतिक्रिया
फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री की हालिया टिप्पणियों पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने तीव्र आपत्ति जताई है। विहिप के प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अग्निहोत्री पर हमला करते हुए पूछा कि वे हिंदू धर्म पर सवाल उठाने वाले कौन होते हैं और क्या उन्हें अन्य धर्मों में मौजूद अंधविश्वास और अवैज्ञानिक प्रथाएं नहीं दिखतीं?
अग्निहोत्री की टिप्पणी
बंसल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि अग्निहोत्री की यह बात कि लोगों को धर्म, विशेषकर हिंदू धर्म के बारे में ज्ञान नहीं बांटना चाहिए, फिल्म उद्योग के लोगों पर भी लागू होती है। उन्होंने कहा, "यह बात सभी पर लागू होती है कि किसी को भी धर्म के बारे में ज्ञान बांटने की आवश्यकता नहीं है।"
धर्म पर ज्ञान बांटने की अपील
अग्निहोत्री ने 'एक्स' पर श्रद्धालुओं से विनम्रता से अनुरोध किया कि वे इस मंच पर हिंदू धर्म के बारे में ज्ञान न बांटें, क्योंकि "यहां हर कोई पहले से ही बुद्धिमान है।" उन्होंने यह भी कहा कि यदि उपनिषदों के रचयिता और स्वामी विवेकानंद आज जीवित होते, तो वे क्या कहते।
अंधविश्वासों पर सवाल
अग्निहोत्री ने कहा, "भ्रम का कोई इलाज नहीं है।" जब उन्होंने धार्मिक स्थलों पर अंधविश्वासों का जिक्र किया, तो बंसल ने सवाल उठाया कि क्या उन्हें "मजारों, मदरसों और गिरजाघरों" में ऐसी प्रथाएं नहीं दिखतीं।
धर्म पर कर लगाने की टिप्पणी
अग्निहोत्री ने यह टिप्पणियां तब की थीं जब उन्होंने उत्तराखंड के कैंची धाम में श्रद्धालुओं की लंबी कतारों का एक वीडियो साझा किया था। उन्होंने कहा कि यदि सरकार धर्म पर कर लगा पाती, तो भारत रातोंरात सबसे अमीर देश बन जाता। इस पर बंसल ने अग्निहोत्री की आलोचना की।
विहिप का बयान
बंसल ने कहा, "भारत की तीर्थस्थल हमारी आत्मा हैं। ये केवल पूजा स्थल नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और सामाजिक जीवन से जुड़े हुए हैं।" उन्होंने अग्निहोत्री से पूछा कि फिल्म उद्योग कर में छूट मांगता है, लेकिन तीर्थस्थलों पर कर लगाने की बात क्यों की जाती है।