शाहरुख खान का जन्मदिन: स्कूल के दिनों की अनकही कहानियाँ
शाहरुख खान का जादू: स्कूल के दिनों की बातें
शाहरुख खान का जन्मदिन विशेष: जब भी बॉलीवुड में किंग का नाम लिया जाता है, तो शाहरुख खान का नाम सबसे पहले आता है। उनकी अदाकारी, रोमांटिक अंदाज और आकर्षक व्यक्तित्व ने लाखों दिलों को जीत लिया है। उनके फैंस उनके बारे में बहुत कुछ जानते हैं, लेकिन कुछ बातें ऐसी हैं जो शायद ही किसी को पता हों। इनमें से एक यह है कि फिल्मों में कदम रखने से पहले ही शाहरुख अपने स्कूल में इतनी प्रसिद्धि हासिल कर चुके थे कि उनके जूनियर्स मजाक में कहते थे कि टीचर्स को लड़कों पर क्रश होता है, लेकिन उनके स्कूल में टीचर्स का क्रश शाहरुख खान थे।
शाहरुख के स्कूल में उनके जूनियर रहे लेखक और फोटोग्राफर अजय जैन ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। अजय, जो दिल्ली के प्रसिद्ध सेंट कोलंबा स्कूल में शाहरुख से तीन साल छोटे थे, ने बताया कि कैसे शाहरुख की लोकप्रियता स्कूल में हर जगह फैली हुई थी।
स्कूल में शाहरुख की लोकप्रियता
शाहरुख स्कूल के दिनों से ही अन्य छात्रों से अलग थे। वह पढ़ाई में अच्छे थे, हालांकि वह क्लास के टॉपर नहीं थे, लेकिन उनके अंक हमेशा अच्छे आते थे। खेलों में भी उनकी रुचि थी, और वह स्कूल की टीमों में हॉकी, फुटबॉल और क्रिकेट खेलते थे। डिबेट और ड्रामेटिक्स में भी उनकी अच्छी पकड़ थी। उनकी आत्मविश्वास और व्यक्तित्व के कारण सभी उन्हें जानते थे।
एक मजेदार किस्सा यह है कि जिस स्कूल में वह पढ़ते थे, वह केवल लड़कों का स्कूल था। ऐसे स्कूलों में आमतौर पर लड़के अपनी महिला शिक्षिकाओं को पसंद करते हैं, लेकिन शाहरुख के मामले में उलटा था। छात्र कहते थे कि स्कूल की टीचर्स को शाहरुख पर क्रश था, जो उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है।
नाटक में लीड रोल और सम्मान
स्कूल के नाटक में लीड रोल: शाहरुख को हमेशा से एक्टिंग का शौक था। स्कूल में आयोजित नाटक 'द विज' में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी, जो 'द विजार्ड ऑफ ओज' पर आधारित था। यह नाटक दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में एक सप्ताह तक चला और दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली।
स्वॉर्ड ऑफ ऑनर: शाहरुख केवल एक्टिंग और खेलों में ही नहीं, बल्कि पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में भी उत्कृष्ट थे। उन्हें 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया गया, जो 12वीं कक्षा के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर छात्र को दिया जाता है। उनके बैच में किसी को भी इस बात पर शक नहीं था कि यह सम्मान उन्हें ही मिलेगा।
कॉलेज में दाखिले की कहानी
दिलचस्प किस्सा: शाहरुख के कॉलेज में दाखिले से जुड़ी एक कहानी भी मशहूर है। 12वीं के बाद, वह दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज में दाखिले के लिए इंटरव्यू देने गए थे। वहां उन्होंने अपनी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए स्वॉर्ड ऑफ ऑनर का उल्लेख किया।
इंटरव्यू पैनल के एक सदस्य ने कहा कि यह पुरस्कार उनके कॉलेज के लिए ज्यादा मायने नहीं रखता। इस पर शाहरुख ने जवाब दिया कि फिर आपके कॉलेज का भी कोई खास महत्व नहीं है और वह वहां से चले गए। हालांकि, इस किस्से की पुष्टि नहीं हुई है। बाद में उन्होंने हंसराज कॉलेज में दाखिला लिया।
सुपरस्टार बनने के बाद भी शिक्षकों का सम्मान
टीचर्स का सम्मान: शाहरुख की सबसे अच्छी बात यह है कि उन्होंने अपनी लोकप्रियता के बावजूद कभी घमंड नहीं किया। वह अपने शिक्षकों का हमेशा सम्मान करते थे। स्कूल के टीचर ब्रदर डी'सूजा ने बताया कि शाहरुख ने एक टीवी कार्यक्रम में अपने शिक्षक का जिक्र किया और बताया कि उन्होंने उनके व्यक्तित्व को बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई। यह बात खास है कि एक बड़ा सुपरस्टार बनने के बाद भी शाहरुख अपने पुराने शिक्षकों को नहीं भूले।