सलमान खान की फिल्म में गाने का अनोखा सफर: 'तड़प-तड़प के' का असली इतिहास
गाने का अनजाना सफर
मुंबई। 1999 में प्रदर्शित सलमान खान की हिट फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' का गाना 'तड़प-तड़प के' बॉलीवुड के सबसे यादगार गानों में से एक माना जाता है। हाल ही में संगीतकार इस्माइल दरबार ने बताया कि यह गाना दरअसल इस फिल्म के लिए नहीं लिखा गया था। उन्होंने खुलासा किया कि इसे पहले किसी और फिल्म के लिए तैयार किया गया था, लेकिन यह अंततः 1999 की इस ब्लॉकबस्टर का हिस्सा बन गया।
संजय लीला भंसाली की प्रतिक्रिया
संजय लीला भंसाली ने गाने के बारे में क्या कहा?
इंडियन आइडल में प्रतियोगी मनराज वीर के प्रदर्शन ने इस्माइल दरबार को गाने की कहानी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि यह उस समय की बात है जब उन्हें 'हम दिल दे चुके सनम' नहीं मिली थी। दरबार ने बताया कि वह इसे किसी अन्य बड़ी फिल्म के लिए बना रहे थे, क्योंकि उस समय उनकी जिंदगी में तड़प थी। कुछ समय बाद, संजय भंसाली ने उन्हें बुलाया और फिल्म की फुटेज दिखाई। जब उन्होंने गाना सुना, तो भंसाली ने कहा, 'अब मुझे पता चल गया कि मुझे अपनी फिल्म में इंटरवल और खत्म करने का स्थान कहां रखना है। आज मैंने अपनी फिल्म पूरी की।'
गाने की रिकॉर्डिंग का अनुभव
रोने लगीं केके की पत्नी
इस्माइल दरबार ने गाने के निर्माण के दौरान सिंगर केके के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि केके ने पहले इस गाने को गाने से मना कर दिया था, क्योंकि यह उनकी शैली का नहीं था। लेकिन इस्माइल ने उन्हें मनाया। जब गाना तैयार हुआ, तो केके की पत्नी ने इसे सुनकर रोना शुरू कर दिया।
गाने की रिलीज
कब रिलीज हुआ गाना?
गौरतलब है कि 'तड़प-तड़प के' 1999 में रिलीज हुआ और यह हिंदी सिनेमा के सबसे प्रिय हार्टब्रेक गानों में से एक बन गया। यह गाना मुख्य रूप से सलमान खान के किरदार समीर पर फिल्माया गया था, जिसमें ऐश्वर्या राय की नंदिनी की झलकियां भी थीं।