सारा अली खान के धार्मिक दौरे पर फतवा: मौलाना ने किया विवादित बयान
सारा अली खान का धार्मिक यात्रा पर विवाद
नई दिल्ली। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री सारा अली खान एक बार फिर अपने धार्मिक यात्रा के कारण चर्चा में हैं। सारा, जो मुस्लिम परिवार से हैं, हिंदू धर्म में आस्था रखती हैं और अक्सर धार्मिक स्थलों का दौरा करती हैं। उन्होंने कई बार केदारनाथ मंदिर का दौरा किया है और उज्जैन के महाकाल के दर्शन भी किए हैं। वह खुद को शिव भक्त मानती हैं।
सारा के पिता सैफ अली खान मुस्लिम हैं, जबकि उनकी मां अमृता सिंह हिंदू हैं, जिससे उन्हें बचपन से ही हिंदू पूजा-पाठ में रुचि रही है। हालांकि, उनके धार्मिक यात्रा पर कुछ धर्मगुरुओं की आपत्ति रहती है। हाल ही में, मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सारा के केदारनाथ मंदिर में दर्शन करने पर फतवा जारी किया है। उन्होंने इसे इस्लामी शरीयत के खिलाफ बताते हुए नाजायज करार दिया है।
फतवे का कारण और मौलाना का बयान
मौलाना ने कहा कि कुछ मुस्लिम युवाओं ने उनसे पूछा था कि क्या किसी मुस्लिम महिला का मंदिर में जाकर पूजा करना सही है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि इस्लामी शरीयत के अनुसार, किसी भी मुस्लिम के लिए दूसरे धर्म के धार्मिक स्थलों पर जाकर पूजा करना उचित नहीं है। उन्होंने सारा के मंदिर में पूजा करने को गंभीर धार्मिक गलती बताया।
Video-सारा अली खान को केदारनाथ दर्शन करना पड़ा भारी, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने जारी किया फतवा, बोले-‘शरीयत की नजर में मुजरिम हो’
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मौलाना ने सारा को सलाह दी है कि उन्हें अपने इस कृत्य पर पछतावा करना चाहिए और अल्लाह से माफी मांगनी चाहिए। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि फतवा मौलाना की व्यक्तिगत राय है और इसे कानूनी सजा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
सारा अली खान की प्रतिक्रिया
इस विवाद के बाद, सारा अली खान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मौलाना के फतवे ने एक बार फिर सार्वजनिक हस्तियों की धार्मिक यात्राओं और व्यक्तिगत आस्था पर बहस को जन्म दिया है। सारा पहले भी केदारनाथ यात्रा को लेकर चर्चा में रही हैं।
हाल ही में, सारा ने अपने करियर के बारे में भी बात की थी और नेपोटिज्म पर अपने विचार साझा किए थे। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने कभी उनके लिए सिफारिश नहीं की और उनकी मां ने उन्हें जीवन में संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया।