सुशांत सिंह राजपूत की अनकही कहानी: एक फिल्म जो बनी सबसे बड़ी हिट
सुशांत सिंह राजपूत: एक चमकता सितारा
सुशांत सिंह राजपूत: भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिभाशाली कलाकारों में से एक थे। उन्होंने अपने छोटे से करियर में दर्शकों के दिलों में एक खास स्थान बना लिया। भले ही वह अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्मों और अदाकारी का जादू आज भी जीवित है। उनकी जयंती पर, आइए एक दिलचस्प किस्सा याद करें जो बॉलीवुड के इतिहास को बदल सकता था।
कम ही लोग जानते हैं कि सुशांत ने एक प्रमुख रोमांटिक फिल्म को ठुकरा दिया था, जो बाद में बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी हिट साबित हुई। यह फिल्म संजय लीला भंसाली की "गोलियों की रासलीला: राम-लीला" थी।
सुशांत की पहली पसंद: 'राम' का किरदार
2013 में रिलीज़ हुई राम-लीला ने बॉलीवुड में एक नया मोड़ लाया। आश्चर्य की बात यह है कि संजय लीला भंसाली ने राम के किरदार के लिए सुशांत को अपनी पहली पसंद माना था। उस समय, सुशांत के लिए 2013 एक सफल वर्ष था, और वह कई प्रोजेक्ट्स में व्यस्त थे।
हालांकि, पहले से किए गए अनुबंधों और व्यस्त कार्यक्रम के कारण, सुशांत को इस फिल्म को छोड़ना पड़ा। वह भंसाली के साथ काम करने के लिए बेहद उत्सुक थे, लेकिन यह निर्णय पूरी तरह से पेशेवर मजबूरियों के कारण था।
रणवीर सिंह की किस्मत का बदलाव
सुशांत के फिल्म छोड़ने के बाद, यह भूमिका रणवीर सिंह को मिली। उस समय, रणवीर अभी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रहे थे। राम-लीला ने न केवल उन्हें एक उत्कृष्ट अभिनेता के रूप में स्थापित किया, बल्कि उनकी व्यक्तिगत जिंदगी को भी बदल दिया।
इस फिल्म के सेट पर रणवीर और दीपिका पादुकोण के बीच प्यार हुआ, जो बाद में उनकी शादी का कारण बना। आज, यह जोड़ी एक बेटी के माता-पिता हैं।
कास्टिंग की दिलचस्प कहानी
दिलचस्प बात यह है कि फिल्म की कास्टिंग भी काफी नाटकीय थी। पहले करीना कपूर खान को इस भूमिका के लिए साइन किया गया था, लेकिन शूटिंग शुरू होने से 10 दिन पहले उन्होंने फिल्म छोड़ दी। प्रियंका चोपड़ा को संपर्क किया गया, लेकिन अंततः दीपिका पादुकोण को यह भूमिका मिली।
बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म, जो विलियम शेक्सपियर की क्लासिक रोमियो और जूलियट से प्रेरित थी, ने दो दुश्मन परिवारों के बीच एक रोमांटिक कहानी को दर्शाया। लगभग ₹88 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म ने दुनिया भर में ₹200 करोड़ से अधिक की कमाई की।
सुशांत की विरासत
सुप्रिया पाठक, ऋचा चड्ढा, शरद केलकर और गुलशन देवैया की शानदार अदाकारी, यादगार संवाद, और भंसाली के अद्भुत विज़ुअल्स के साथ, राम-लीला आज भी एक आइकॉनिक रोमांटिक ड्रामा बनी हुई है।
अगर सुशांत इस फिल्म का हिस्सा होते, तो बॉलीवुड का इतिहास कुछ और ही होता। लेकिन उनकी विरासत, प्रतिभा और प्रभाव हमेशा याद किए जाएंगे।