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सोनी लिव पर देखें मलयालम हॉरर थ्रिलर 'चुरुली': एक अद्भुत अनुभव

मलयालम हॉरर थ्रिलर 'चुरुली' एक अद्भुत अनुभव है, जो दर्शकों को अपने सस्पेंस और अनोखी कहानी से बांध लेती है। इस फिल्म की शूटिंग असली जंगलों में की गई है, जिससे इसका माहौल और भी डरावना बन गया है। साधु और शैतान की लोककथा से शुरू होकर, यह फिल्म दो पुलिसवालों की कहानी बताती है जो एक रहस्यमयी गांव में जाते हैं। क्या वे अपने लक्ष्य तक पहुंच पाएंगे या खुद उस जाल में फंस जाएंगे? जानने के लिए देखें 'चुरुली'।
 

मलयालम हॉरर थ्रिलर 'चुरुली' का अनोखा अनुभव

यदि आप वीकेंड पर ऐसी फिल्में देखना पसंद करते हैं जो आपको रोमांचित कर दें और सोचने पर मजबूर कर दें, तो OTT प्लेटफॉर्म 'सोनी लिव' पर एक बेहतरीन फिल्म उपलब्ध है। हम बात कर रहे हैं मलयालम सिनेमा की चर्चित हॉरर थ्रिलर 'चुरुली' की। यह फिल्म 2021 में रिलीज हुई थी और IMDb पर इसे 7 की रेटिंग मिली है। इसमें न तो अनावश्यक ड्रामा है और न ही उत्तेजक दृश्य, बल्कि इसका सस्पेंस इतना गहरा है कि दर्शक अपनी जगह से हिल नहीं पाते।


इस फिल्म की शूटिंग का तरीका भी बेहद दिलचस्प है। जहां आमतौर पर फिल्में महीनों तक सेट पर बनती हैं, वहीं निर्देशक लिजो जोस पेल्लिसरी ने 'चुरुली' को केवल 19 दिनों में शूट किया। कोविड महामारी के आगमन से पहले, इस फिल्म की शूटिंग केरल के इडुक्की जिले के कुलमावु के घने जंगलों में की गई थी।


इस फिल्म के लिए कोई कृत्रिम सेट नहीं बनाया गया था; इसे असली स्थानों और जंगलों में फिल्माया गया है। शूटिंग इतनी चुपचाप और गोपनीय तरीके से की गई कि आसपास के निवासियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। यही कारण है कि जब आप फिल्म देखते हैं, तो जंगल का सन्नाटा और डरावना माहौल आपको पूरी तरह से वास्तविक लगता है।


फिल्म 'चुरुली' की कहानी एक पुरानी लोककथा से शुरू होती है। नरेशन में एक आवाज सुनाई देती है, जो एक साधु और जंगल के शैतान की कहानी सुनाती है। साधु उस शैतान को पकड़ने के लिए घने जंगल में जाता है और रास्ते में उसे एक गेंद जैसी अजीब वस्तु मिलती है, जिसे वह अपनी टोकरी में रख लेता है।


जैसे-जैसे साधु जंगल में आगे बढ़ता है, वह गेंद एक जीव (वर्मी) में बदल जाती है और साधु को रास्ता दिखाने लगती है। लेकिन क्या वह जीव साधु को सही दिशा में ले जा रहा है या उसे किसी जाल में फंसा रहा है? इसी कहानी पर पूरी फिल्म आधारित है, जो दर्शकों को शुरुआत से ही बांधकर रखती है।


जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, दर्शक वर्तमान समय में पहुंच जाते हैं। दो पुलिसवाले अपनी पहचान छिपाकर 'चुरुली' नामक एक रहस्यमयी गांव में प्रवेश करते हैं। उनका लक्ष्य 'जॉय' नामक एक खतरनाक अपराधी को गिरफ्तार करना है। लेकिन जब वे गांव पहुंचते हैं, तो उन्हें एहसास होता है कि वहां जो कुछ भी है, वह सच से बिल्कुल विपरीत है।


गांव के लोग, वहां का माहौल और अजीब घटनाएं दोनों पुलिसवालों को उलझा देती हैं। इससे पहले भी एक पुलिसवाला उस अपराधी की तलाश में आया था, लेकिन वह खाली हाथ लौट गया था। क्या ये दोनों पुलिसवाले जॉय तक पहुंच पाएंगे? या वे खुद उस मायावी जंगल के जाल में हमेशा के लिए फंस जाएंगे? इस सवाल का उत्तर आपको फिल्म के क्लाइमैक्स में मिलता है, जिसे देखकर आप सोच में पड़ जाएंगे।