स्वरा भास्कर ने 'पद्मावत' के जौहर दृश्य पर अपनी बात स्पष्ट की
स्वरा भास्कर का स्पष्टीकरण
अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने कहा है कि संजय लीला भंसाली की 2018 की फिल्म 'पद्मावत' में जौहर के दृश्य पर उनकी टिप्पणियों का सोशल मीडिया पर 'पूरी तरह से गलत अनुवाद' किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती या जौहर करने वाली अन्य महिलाओं को 'कायर' नहीं कहा। हाल ही में एक कार्यक्रम में की गई उनकी टिप्पणियों के कारण उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। भास्कर ने कहा कि फिल्म 'जौहर' को महिमामंडित करती है।
जौहर की प्रथा
'जौहर' एक प्रथा है जो कुछ राजपूत समुदायों में प्रचलित थी, जिसमें महिलाएं युद्ध में हार की स्थिति में आत्मदाह कर लेती थीं ताकि वे गुलामी या यौन हिंसा से बच सकें। भास्कर ने मंगलवार रात एक वीडियो में अपनी टिप्पणियों के संदर्भ में बताया। उन्होंने कहा, 'आज सुबह सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है।'
भास्कर का पत्र
उन्होंने कहा, 'यह कल के एक कार्यक्रम का है, जहां मुझसे पूछा गया कि 'पद्मावत' देखने के बाद मैंने संजय लीला भंसाली को खुला पत्र क्यों लिखा था। मेरा कहा गया अब पूरी तरह से गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।' भास्कर ने कहा कि जब उन्होंने 'क्लाइमैक्स' देखा, तो उन्हें लगा कि अगर वे दुष्कर्म पीड़िता होतीं, तो वे कायर महसूस करतीं।
फिल्म की कहानी
'पद्मावत' एक ऐतिहासिक फिल्म है, जो मलिक मुहम्मद जायसी की 16वीं सदी की महाकाव्य पर आधारित है। यह फिल्म रानी पद्मावती (दीपिका पादुकोण) और उनके पति महारावल रतन सिंह (शाहिद कपूर) की कहानी है, जिनका राज्य सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी (रणवीर सिंह) द्वारा घेर लिया गया था।
भास्कर की चिंताएं
कहानी का अंत तब होता है जब पद्मावती और चित्तौड़ की महिलाएं खिलजी के हमले से बचने के लिए जौहर कर लेती हैं। भास्कर ने हाल में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि देश में 'दुष्कर्म की महामारी' फैली हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो यह संदेश दें कि औरत की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा कीमती है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
भास्कर ने कहा, 'क्या हमें दुष्कर्म से बची महिलाओं को यह बताना चाहिए कि उनके लिए मर जाना ही बेहतर है?' उन्होंने 'पद्मावत' में जौहर के चित्रण की आलोचना की और फिल्म के अंतिम दृश्य से मिलने वाले संदेश पर सवाल उठाए। इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और कई लोगों ने उनकी टिप्पणियों की आलोचना की।