हरियाणा में बारिश का रिकॉर्ड तोड़ना, येलो अलर्ट जारी
हरियाणा मौसम: बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड!
हरियाणा मौसम: बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड! आज इन जिलों में येलो अलर्ट, जानें मौसम की स्थिति: चंडीगढ़ | इस बार मानसून ने हरियाणा में जबरदस्त बारिश की है। बारिश ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और आज भी कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
फरीदाबाद सहित पूरे एनसीआर में शुक्रवार को हल्की बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया, लेकिन कुछ स्थानों पर जलभराव ने समस्याएं भी उत्पन्न कीं।
फरीदाबाद में बारिश से मिली राहत
शुक्रवार की सुबह से फरीदाबाद और एनसीआर में बादल छाए रहे। दोपहर करीब 2 बजे तेज बारिश ने उमस भरी गर्मी से राहत दी। सड़कों पर पानी भर गया, लेकिन बारिश की बूंदों ने लोगों के चेहरों पर ठंडक की मुस्कान ला दी। दिनभर बादल छाए रहे, अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, आज भी हल्की बारिश की संभावना है, और अधिकतम तापमान 33 डिग्री तथा न्यूनतम 26 डिग्री रह सकता है। हालांकि, आर्द्रता के कारण चिपचिपी गर्मी परेशान कर सकती है।
जलभराव और बाढ़ का खतरा
बारिश ने मौसम को सुहावना बनाया, लेकिन कई स्थानों पर जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हुई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही, तो सप्ताहांत तक तापमान और गिर सकता है। अंबाला में टांगरी नदी उफान पर है, जिससे 17 रिहायशी इलाकों और एक श्मशान घाट में पानी भर गया।
प्रशासन और राहत टीमें दिनभर बचाव कार्यों में जुटी रहीं। सिरसा के रत्ताखेड़ा गांव के पास खरीफ चैनल टूटने से 11 एकड़ फसलें जलमग्न हो गईं। भाखड़ा और पौंग डैम में पानी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। पौंग डैम से इस मानसून में 9.68 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी छोड़ा गया, जो 1988 और 2023 के रिकॉर्ड को भी पार कर गया।
इन जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 30 अगस्त को अंबाला, यमुनानगर, मेवात और पलवल में येलो अलर्ट जारी किया है। फरीदाबाद और एनसीआर के कई हिस्सों में 50 से 75 प्रतिशत बारिश की संभावना है। 31 अगस्त को फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेवात और पलवल में 75 से 100 प्रतिशत बारिश हो सकती है।
1 सितंबर को भी 15 जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। इस मानसून सीजन में हरियाणा में सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। यमुनानगर में सबसे ज्यादा 892.5 मिमी और महेंद्रगढ़ में 686 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सिरसा और कैथल में सबसे कम बारिश हुई। बारिश ने गर्मी से राहत दी, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।