करवा चौथ पर राशि अनुसार चूड़ियों के रंग का महत्व
करवा चौथ का पर्व
इस वर्ष करवा चौथ का पावन पर्व 29 अक्टूबर, गुरुवार को पूरे देश में श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए सोलह श्रृंगार करती हैं, जिसमें कांच की चूड़ियों के रंग का चयन विशेष महत्व रखता है।
करवा चौथ का महत्व
करवा चौथ पति-पत्नी के अटूट प्रेम का प्रतीक है, जिसे विधिपूर्वक मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर चौथ माता की पूजा करती हैं, जिससे परिवार में सुख-शांति बनी रहे। पूजा के दौरान पहनी जाने वाली कांच की चूड़ियां सुहाग का प्रतीक मानी जाती हैं।
कांच की चूड़ियों का महत्व
भारतीय संस्कृति में करवा चौथ के दिन कांच की चूड़ियों का पहनना केवल सजावट नहीं, बल्कि यह सुहाग की अमर निशानी है। इनकी खनक से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मकता दूर रहती है।
शुभ रंगों का चयन
करवा चौथ के अवसर पर सकारात्मक ऊर्जा देने वाले रंगों का चयन करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, लाल, मैरून, हरी, पीली और सुनहरी रंग की चूड़ियां पहनना सबसे शुभ माना जाता है।
किस रंग से बचें?
कुछ रंगों का उपयोग शुभ पर्वों पर वर्जित माना गया है। करवा चौथ पर काले, सफेद और नीले रंग की चूड़ियों से बचना चाहिए, क्योंकि ये सुहाग उत्सव की भावना के विपरीत माने जाते हैं।
राशि अनुसार चूड़ियों का चयन
ज्योतिष के अनुसार, महिलाएं अपनी जन्म राशि के अनुसार चूड़ियों के रंग का चयन करें तो यह और भी शुभ होता है। मेष राशि के लिए लाल, वृषभ के लिए सिल्वर या गुलाबी, मिथुन के लिए हरी, कर्क के लिए सफेद या लाल, सिंह के लिए नारंगी या गोल्डन, कन्या के लिए गहरे हरे रंग की चूड़ियां पहननी चाहिए।